Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, गोवर्धन पूजा से पहले ब्रज में देवराज इन्द्र की पूजा होती थी। देवराज इन्द्र का यज्ञ होता था। उसे इन्द्र यज्ञ कहते थे। इन्द्र को अभिमान हो चुका था...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य हुआ तब रात्रि १२ बजे का समय, दिशाएं निर्मल, शीतल मंद सुगन्ध पवन चलने लगी, हर वृक्ष पर पुष्प निकल आये, भौंरे गूंजने लगे।...
पुष्कर में दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण सच्चिदानंद स्वरूप हैं और श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्त कर मोक्ष का मार्ग दिखाता है.
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, गोवर्धन पूजा के समय भगवान् श्री कृष्ण की अवस्था सात वर्ष की है और गिरिराज गोवर्धन भी सात कोश के हैं। भगवान ने सात दिन के लिए गिरिराज को...
पुष्कर/राजस्थान। परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रेयांसि बहु विघ्नानि, शास्त्र का वचन है, शुभ कार्यों में बहुत विघ्न आते हैं. आप साधना करने चले हैं, ईश्वर प्राप्ति के लिये चले हैं, विघ्न आयेंगे, बहुत आएंगे,...
पुष्कर/राजस्थान। परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, हम कहां हैं ? प्रतिदिन यह देखते रहना चाहिये कि जीवन में कितना सुधार आया और कितना अभी बाकी है। यदि बिल्कुल सुधार नहीं हो रहा है तो बहुत खतरे की...
पुष्कर/राजस्थान। परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, दिव्य स्वरूप है भगवान का। श्रीमद्भागवत महापुराण में भगवान व्यास एक बहुत अच्छी बात कहते हैं, यदि हम आप उसे समझ सकें, तो बहुत अच्छी बात है. भागवत में...