पुष्कर में संत दिव्य मोरारी बापू ने प्रवचन के दौरान कहा कि भारतीय संस्कृति हमें सुबह ईश्वर और कर्म का स्मरण करने की सीख देती है. उन्होंने लोगों से सत्कर्म, भक्ति और अन्न के सम्मान का पालन करने की अपील की.
राजस्थान के पुष्कर में संत दिव्य मोरारी बापू ने प्रवचन देते हुए कहा कि केवल ज्ञान की बातें करने से शांति नहीं मिलती, बल्कि उसे जीवन में अपनाने से ही सच्चा आनंद मिलता है.
पुष्कर में संत दिव्य मोरारी बापू ने प्रवचन देते हुए कहा कि सच्ची नम्रता और निरंतर भक्ति से ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है. अभिमान से भक्ति का मार्ग कमजोर हो जाता है.