राधा अष्टमी 2026 का पर्व 19 सितंबर को मनाया जाएगा. इस दिन राधारानी की पूजा के साथ घर में मोर पंख, बांसुरी, तुलसी समेत कुछ शुभ वस्तुएं लाने की परंपरा बताई जाती है. जानें इन चीजों से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं.
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, रास प्रारम्भ हुआ। देवता भी बाजे बजा रहे थे। ऊपर से पुष्प वृष्टि कर रहे थे। जय जयकार हो रही थी। एक विलक्षण रस की वर्षा हो रही थी।...
सनातन धर्म में राधा रानी को प्रेम और भक्ति का सर्वोच्च स्वरूप माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राधा रानी के 32 नामों का श्रद्धापूर्वक जाप करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
आज 15 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 7:44 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी. आज ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त, नक्षत्र, योग और सूर्योदय-सूर्यास्त का पूरा समय.