Rajasthan

समस्त शुभ गुणों का निधान है भगवान का नाम: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्री रामचरितमानस बालकाण्ड के प्रारम्भ वंदना प्रकरण में पूज्य गोस्वामी श्री तुलसीदास जी महाराज ने ९ दोहे में भगवान श्री राम के नाम की वंदना करते हैं। इसकी इतनी...

जीवन का दर्पण, कल्पवृक्ष और भगवान का स्वरूप है रामायण: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, हमें निज धर्म पर चलना सिखाती रोज रामायण। सदा शुभ आचरण करना बताती रोज रामायण।।श्रीरामचरितमानस में भगवान श्रीसीतारामजी की कथा तो है ही, लेकिन इस कथा के माध्यम से...

कर्म फल भोगे बिना जीव को कर्म बन्धन से नहीं मिलता छुटकारा: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, यद्यपि दुःखी होना कोई नहीं चाहता फिर भी दुःखी होता ही है, दुःखी होना पड़ता ही है। जीवन में सुख और दुःख तो लगे ही रहते हैं, इन्हें भोगना...

प्रभु प्रेम से जीवन के सभी दुःख हो सकते हैं दूर: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्रत्येक व्यक्ति दुःख के भंवरजाल में उलझा हुआ है। आज करोड़पति धन की सुरक्षा के लिये चिन्तित है तो रंकपति धन के अभाव से दुःखी है। विवाहित व्यक्ति अपनी...

समस्या से भागना नहीं, डटकर सामना करना ही समाधान है: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, एक महान संत के जीवन का अनुभव वे  कहते हैं कि मेरे जीवन में एक ऐसी घटना घटी जिसका मेरे मन पर गहरा प्रभाव पड़ा। मैं काशी के रास्ते...

धन से नहीं, उसके सदुपयोग से मिलता है सुख: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, संसार प्रतिक्षण बदल रहा है, प्राय: सभी को ऐसा अनुभव होता है कि संसार है। इसमें विचार यह करना है कि संसार प्रतिक्षण बदल रहा है, नष्ट होने की...

शरीर नहीं, उसका सदुपयोग ही जीवन को बनाता है श्रेष्ठ: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्राय: सभी को ऐसा अनुभव होता है कि संसार है। इसमें विचार यह करना है कि संसार प्रतिक्षण बदल रहा है, नष्ट होने की ओर जा रहा है- यह...

सज्जनता के साथ शौर्य होना भी आवश्यक: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीमद्भागवत की रचना के लिये देवर्षि नारद व्यास जी महाराज को प्रेरित करने उनके आश्रम में पधारते हैं। व्यास जी, नारद जी का पूजन सत्कार करके पूछते हैं- इस...

परमात्मा की प्राप्ति के लिए उत्कट अभिलाषा और मोह से दूरी जरूरी: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, परमात्मा की प्राप्ति सांसारिक वस्तुओं की प्राप्ति की तरह नहीं है। संसार का निर्माण होता है, पर परमात्मा का अन्वेषण होता है। संसार स्वतः अप्राप्त है, परमात्मा स्वतः प्राप्त...

सत्संग, सत्कर्म और संकीर्तन से मिलते हैं प्रभु: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, चरित्र मानव की सबसे बड़ी कमाई है। धनवान होना कोई बड़ी बात नहीं है। धन कोई भी जोड़ सकता है। पद पाना भी कोई विशेष बात नहीं होती है।...
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