Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्रभु पदार्थ से नहीं सद् चिंतन, सद्वाणी और सदाचार से प्रसन्न होते हैं। हम भगवान को पदार्थ तो चढ़ायें लेकिन अपने कर्मों को पवित्र करने का प्रयास न करें, तो परमात्मा...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीशिवमहापुराण कोटिरूद्र संहिता में द्वादश ज्योतिर्लिंग की कथा है। भगवान शंकर के द्वादश ज्योतिर्लिंग हैं। जो किसी एक प्रान्त में नहीं है। अगर द्वादश ज्योतिर्लिंग का दर्शन किया जाए तो सम्पूर्ण...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीशिवमहापुराण शतरूद्र संहिता में भगवान शिव के अवतारों की कथा है। भगवान शंकर के अनन्त अवतार हुए हैं। उनके अवतारों की गिनती कर पाना असम्भव है। हर द्वापर में भगवान व्यास...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, त्रिपुरासुर की कथा आती है। तारकासुर जिसका उद्धार भगवान कार्तिकेय के द्वारा हुआ। उसके तीन पुत्र थे, तारकाक्ष बिंदुन्माली और कमलाक्ष। तारकासुर की मृत्यु के बाद ये दानव जाति के राजा बनें।...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीशिवपार्वती विवाह के उपरान्त भगवती पार्वती की विदाई, पातिव्रत धर्म का उपदेश,गृहस्थ आश्रम की महिमा, कार्तिकेय भगवान का प्राकट्य, तारकासुर का उद्धार,और भगवान गणेश के प्राकट्य की कथा का गान किया...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवती पार्वती का नामांकरण संस्कार, विद्याध्ययन संस्कार, भगवान शिव की प्राप्ति के लिए तप और श्रीशिव-पार्वती विवाह की कथा का गान किया गया। भगवती पार्वती साक्षात् जगदम्बा हैं। सारी विद्या मां से ही...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, सतीखण्ड में भगवान शिव से यह सम्पूर्ण सृष्टि किस तरह हुई इसका बड़ा सुन्दर वर्णन किया गया है। इस संसार के अधिष्ठान देवता दो है। एक भगवान शंकर और दूसरे भगवान...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीशिवमहापुराण में भगवान् शिव के नाम की बड़ी भारी महिमा का वर्णन किया गया है। पापी से पापी व्यक्ति भी अपने जीवन में उतना पाप नहीं कर सकता, जितना एक भगवान...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, मनुष्य के जीवन में अभाव कष्ट चिन्ता तभी तक है, जब तक उसके जीवन में भगवान शिव की उपासना आराधना नहीं है। श्रीशिवमहापुराण में भक्ति,ज्ञान,वैराग्य की प्राप्ति के लिए प्रारम्भ में...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीशिवमहापुराण की कथा हमेशा सुनना चाहिए। समस्त कल्मष को धोने वाली है। श्रीशिवमहापुराण की कथा भक्ति को प्रदान करने वाली है। भगवान शिव भोला भंडारी हैं इसलिए प्रभु को शिव भोला भंडारी...