Jaipur-Kota Highway Accident: राजस्थान से भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है. यह हादसा शनिवार की भोर में जयपुर के चाकसे में हुआ. जहां- कोटा-जयपुर नेशनल हाईवे (NH-52) पर तेज रफ्तार एक कार ट्रेलर से टकरा गई. इस...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, शौनकादि ऋषियों ने सूत जी से प्रश्न किया,आप समस्त पुराणों के ज्ञाता हैं।आपने समस्त पुराणों और धर्मशास्त्रों का अध्ययन किया एवं व्याख्या भी की है। आप वेदव्यास जी के...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जरासंध के जब लगातार आक्रमण होने लगे तब शान्ति और सुरक्षा के लिए श्री कृष्ण ने द्वारिका बसाई। जरासंध अर्थात् जरा- वृद्धावस्था। और द्वारिका अर्थात् 'द्वारे द्वारे कं '।...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जिसे स्वयं की प्रशंसा ही अच्छी लगती है, उसके हृदय में अभिमान पैदा हो जाता है। उसकी आँखें बंद हो जाती हैं, अतः वह स्वयं अपने दोष नहीं देख...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, मक्खन में फंसे हुए बाल को यदि बाहर निकालना हो तो बिना किसी तकलीफ के खींचकर बाहर निकाला जा सकता है। परन्तु यही बात अगर सूखे हुए गोबर या...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीरामचरितमानस आपको भक्त बनने का उपदेश देता है। मानस का उपदेश है - भक्त बनने के लिए आपको कपड़े बदलने या घर छोड़ने की कोई आवश्यकता नहीं है। जीवन...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जिसका हृदय ज्ञान, वैराग्य और भक्ति से परिपूर्ण होता है, वही उत्तम वक्ता कहलाता है। कुछ में ज्ञान तो होता है, पर वैराग्य नहीं होता। कुछ में ज्ञान एवं...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, स्कन्द महापुराण में भगवान शंकर से भगवती पार्वती ने पूछा- सबसे अधिक आराधना योग्य कौन है? भगवान शंकर कहते हैं इस संसार में सबसे अधिक पूजनीय भगवान नारायण है।...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, बालक बड़ों का ही अनुकरण करता है। माँ-बाप यदि जल्दी उठकर प्रभु-स्मरण करें तो बालक के जीवन में ऐसे ही संस्कार पड़ेंगे। आपकी सन्तान के जीवन में अच्छे संस्कारों का सिंचन...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जिस दुःख में प्रभु का निरन्तर स्मरण बना रहे, वह दुःख सच्चा सुख है। जिस सुख में प्रभु का स्मरण छूट जाय, वह सुख सुख नहीं, बल्कि बहुत बड़ा...