Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्राय: सभी को ऐसा अनुभव होता है कि संसार है। इसमें विचार यह करना है कि संसार प्रतिक्षण बदल रहा है, नष्ट होने की ओर जा रहा है- यह...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीमद्भागवत की रचना के लिये देवर्षि नारद व्यास जी महाराज को प्रेरित करने उनके आश्रम में पधारते हैं। व्यास जी, नारद जी का पूजन सत्कार करके पूछते हैं- इस...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, परमात्मा की प्राप्ति सांसारिक वस्तुओं की प्राप्ति की तरह नहीं है। संसार का निर्माण होता है, पर परमात्मा का अन्वेषण होता है। संसार स्वतः अप्राप्त है, परमात्मा स्वतः प्राप्त...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, चरित्र मानव की सबसे बड़ी कमाई है। धनवान होना कोई बड़ी बात नहीं है। धन कोई भी जोड़ सकता है। पद पाना भी कोई विशेष बात नहीं होती है।...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, ईश्वर ने कोई एक संत की भक्ति से प्रभावित होकर कहा, तुम जो चाहो वरदान मांग लो। मैं तुम्हारी भक्ति और तप से प्रसन्न हुआ हूं। संत ने प्रत्युत्तर...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जैसे ही सूर्य उदय होता है, निशा चली जाती है, अन्धकार मिट जाता है। भागवत रूपी सूर्य का उदय होगा तब भगवत् कृपा से अपने जीवन में मोह निशा...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, सबसे पहले हम लोग विचार करेंगे कि-इस महापुराण का नाम भागवत क्यों रखा गया? इस प्रश्न के उत्तर में अनेक संतों का अलग-अलग भाव है-एक संत कहते हैं- "भगवता...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जीवन तो प्रभु का प्रसाद है, प्रभु का वरदान है। ईश्वर अंश जीव अविनाशी। चेतन अमल सहज सुखराशी।। सो माया बस भयऊ गोसाईं। बांधेऊ कीर मर्कट की नाईं।।सभी जीव...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, एक अति धनवान व्यक्ति था। युवा एवं सुन्दर शरीर उसके लिये गौरव का विषय था। अचानक वह बीमार हो गया। मृत्यु , द्वार पर दस्तक देने लगी। पीड़ा को...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जो जीवन सही ढंग से नहीं जीता है सामाजिक और शास्त्रीय मर्यादा के विपरीत आचरण करता है वही घबराता है. और अन्तकाल में तो बहुत घबराता है और उसकी...