सरकार की नई फैक्टशीट के अनुसार, भारत में कृषि क्षेत्र को मिलने वाला ऋण वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 32.50 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है. ग्रामीण बैंकिंग, नाबार्ड, जनधन योजना और स्वयं सहायता समूहों के विस्तार से किसानों तक संस्थागत ऋण की पहुंच लगातार बढ़ रही है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पशुधन क्षेत्र भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूती प्रदान कर रहा है. यह क्षेत्र वर्ष 2014–15 से अब तक औसतन 12.77% की वार्षिक दर से बढ़ रहा है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी...