पुष्कर में संत दिव्य मोरारी बापू ने श्रीराम नाम की महिमा बताते हुए कहा कि भगवान का नाम साधक के जीवन में सद्गुणों को प्रकट करता है और दुर्गुणों को समाप्त करता है. उन्होंने श्रीरामचरितमानस के नाम वंदना प्रकरण के नियमित पाठ को भगवान के नाम में रुचि जगाने वाला बताया.