Wind Energy

India Energy Capacity: भारत की कुल ऊर्जा क्षमता 552 GW के पार, सोलर और विंड एनर्जी ने पकड़ी रफ्तार

भारत की कुल स्थापित ऊर्जा क्षमता जुलाई 2026 तक बढ़कर 552 गीगावाट हो गई है. गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा की हिस्सेदारी 54 प्रतिशत से ज्यादा पहुंच गई है. सोलर और विंड एनर्जी के साथ रूफटॉप सोलर में भी तेजी देखने को मिली है.

भारत में विंड एनर्जी का बड़ा विस्तार, 57,443 मेगावाट क्षमता के साथ हुआ 106 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन

भारत में विंड एनर्जी की इंस्टॉल्ड क्षमता बढ़कर 57,443 मेगावाट हो गई है. सरकार ने लोकसभा में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में पवन ऊर्जा परियोजनाओं से 106 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ. देश इस क्षेत्र में दुनिया में चौथे स्थान पर है.

Inox Wind Share Price: कमजोर तिमाही नतीजों से टूटा निवेशकों का भरोसा, 10% तक लुढ़का शेयर

Inox Wind के शेयरों में सोमवार को 10 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. कंपनी का चौथी तिमाही का मुनाफा 45 प्रतिशत घट गया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई.

गुजरात के कच्छ में बन रहा 30 गीगावाट का दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी पार्क

गुजरात के कच्छ में 30 GW का खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क विकसित हो रहा है. यह दुनिया का सबसे बड़ा सोलर और विंड प्रोजेक्ट होगा, जो 1.8 करोड़ घरों को बिजली देगा.

भारत का पावर ग्रिड और मजबूत, ट्रांसमिशन नेटवर्क 5 लाख सर्किट KM पार

भारत ने बिजली क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. राष्ट्रीय बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क 5 लाख सर्किट किलोमीटर के पार पहुंच गया है, जिससे सौर और पवन ऊर्जा को देशभर में पहुंचाना आसान होगा.

2026-27 तक भारत की पवन ऊर्जा क्षमता बढ़कर हो जाएगी 63 गीगावाट: CRISIL

भारत की पवन ऊर्जा क्षमता में अगले दो वित्त वर्षों में दोगुना से अधिक वृद्धि होने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2023-25 ​​में 3.4 गीगावाट की तुलना में औसतन 7.1 गीगावाट होगी. सोमवार (24 फरवरी) को आई क्रिसिल...

भारत ने वर्ष 2024 में बढ़ाया रिकॉर्ड 24.5 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता, पवन ऊर्जा में भी 3.4 GW की बढ़ोतरी

JMK रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने जनवरी से दिसंबर 2024 के बीच 24.5 गीगावाट सौर ऊर्जा और 3.4 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ी. सौर ऊर्जा के क्षेत्र में यह वृद्धि 2023 की तुलना में दोगुनी से अधिक...
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मखाना कारोबार में आएगा बड़ा उछाल, 2029-30 तक 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है बाजार

बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.
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