Inox Wind Share Price: कमजोर तिमाही नतीजों से टूटा निवेशकों का भरोसा, 10% तक लुढ़का शेयर

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Inox Wind Share Price: विंड एनर्जी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आईनॉक्स विंड के शेयरों में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली. FY25-26 की चौथी तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान करीब 10 प्रतिशत तक लुढ़क गया. निवेशकों की निराशा का मुख्य कारण कंपनी के मुनाफे में आई बड़ी गिरावट रही, जिसने बाजार की उम्मीदों को झटका दिया. खबर लिखे जाने तक आईनॉक्स विंड का शेयर 10.04% की गिरावट के साथ 83.61 रुपये पर कारोबार कर रहा था. कंपनी के ताजा वित्तीय नतीजों ने यह संकेत दिया है कि परिचालन चुनौतियों और बढ़ती लागत का असर उसके प्रदर्शन पर साफ दिखाई दे रहा है.

45 प्रतिशत घटा कंपनी का मुनाफा

आईनॉक्स विंड ने जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के लिए 105.68 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी का मुनाफा 190.34 करोड़ रुपये था. इस तरह कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर लगभग 45 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. कंपनी के मुताबिक परिचालन व्यय में तेज वृद्धि का असर सीधे उसके मुनाफे पर पड़ा. बढ़ती लागत और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों ने लाभप्रदता को प्रभावित किया.

आय स्थिर रही लेकिन खर्च बढ़ गया

मार्च तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन से कुल आय 1,305.50 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 1,310.65 करोड़ रुपये की तुलना में मामूली रूप से कम है. हालांकि आय लगभग स्थिर रही, लेकिन कंपनी का कुल खर्च तेजी से बढ़ा. चौथी तिमाही में कुल व्यय बढ़कर 1,161.59 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 1,103.01 करोड़ रुपये था. खर्च में हुई इस बढ़ोतरी ने कंपनी के मुनाफे को काफी हद तक प्रभावित किया.

मजबूत ऑर्डर बुक से मिला सहारा

कमजोर तिमाही प्रदर्शन के बावजूद कंपनी ने अपने भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं. आईनॉक्स विंड ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक उसकी ऑर्डर बुक 3.1 गीगावॉट पर मजबूत बनी हुई है. कंपनी का कहना है कि यह ऑर्डर बुक अगले दो वर्षों से अधिक समय के लिए आय की स्पष्टता सुनिश्चित करती है और भविष्य के कारोबार को मजबूती प्रदान करती है.

इन चुनौतियों ने बिगाड़ा प्रदर्शन

कंपनी ने अपने वित्तीय प्रदर्शन पर दबाव के पीछे कई कारणों का उल्लेख किया है. कंपनी के अनुसार, क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियां, उपकरणों और घटकों की आपूर्ति को प्रभावित करने वाले भू-राजनीतिक व्यवधान, रसद संबंधी बाधाएं और चुनौतीपूर्ण व्यापक आर्थिक परिस्थितियों के बीच ग्राहकों द्वारा भुगतान में देरी ने तिमाही प्रदर्शन को प्रभावित किया. कंपनी ने कहा कि इन परिस्थितियों के कारण कार्यशील पूंजी की जरूरत भी अधिक बनी रही, जिससे वित्तीय दबाव बढ़ा.

ब्रोकरेज फर्म ने जताई चिंता

परिणामों पर टिप्पणी करते हुए नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा, “इनॉक्स विंड का वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही का प्रदर्शन उम्मीदों से काफी कम रहा.” ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी की आय 2,150 करोड़ रुपये के अनुमान के मुकाबले केवल 1,240 करोड़ रुपये रही. नुवामा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) लागत में साल-दर-साल 95 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

इसके चलते परिचालन लाभ मार्जिन एक वर्ष पहले के 19.9 प्रतिशत से घटकर 16 प्रतिशत रह गया. इसी वजह से कंपनी का EBITDA भी अनुमानों से लगभग 45 प्रतिशत कम रहा.

घटाया गया भविष्य का अनुमान

जमीनी स्तर पर मौजूद कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों को देखते हुए नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कंपनी के लिए अपने भविष्य के अनुमानों में भी कटौती की है. ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए कार्यान्वयन अनुमान 1.6 गीगावॉट से घटाकर 1.4 गीगावॉट कर दिया है. वहीं वित्त वर्ष 2028 के लिए अनुमान 2 गीगावॉट से घटाकर 1.75 गीगावॉट कर दिया गया है. इससे संकेत मिलता है कि बाजार विशेषज्ञ निकट भविष्य में कंपनी की विकास गति को लेकर पहले की तुलना में अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं.

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