Sensex closing bell: हफ्ते के पहले दिन सोमवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ. दिन के अंत में सेंसेक्स 508.40 अंक या 0.68 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 74,267.34 और निफ्टी 165.15 अंक या 0.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,382.60 पर बंद हुआ. इस दौरान बाजार में चौतरफा गिरावट देखी गई.
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली हावी रही. वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 895.85 अंक या 1.45 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 60,827.95 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 159 अंक या 0.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,979.80 पर था. निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी इन्फ्रा सबसे ज्यादा गिरने वाले सूचकांक थे. जबकि निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी मेटल हरे निशान में बंद हुए.
आज के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स
वहीं, सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस, इंडिगो, एचसीएल टेक और टाटा स्टील गेनर्स थे. जबकि एचयूएल, आईटीसी, एनटीपीसी, एमएंडएम, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, मारुति सुजुकी और बजाज फिनसर्व लूजर्स थे.
क्या है बाजार के गिरने की वजह
इसी बीच, एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए तत्काल समर्थन स्तर 23,250-23,230 के आसपास है. यदि यहां से गिरावट बढ़ती है तो यह 23,100 तक भी जा सकता है. छोटी अवधि में रुकावट का स्तर 23,530-23,550 का जोन है. इसके अलावा बैंक निफ्टी के लिए सपोर्ट 53,200-53,100 के बीच है. वहीं, रुकावट का स्तर 54,000-54,100 के बीच मौजूद है.
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार के गिरने की वजह अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता होना है. दूसरी तरफ विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली बाजार पर दबाव बनाने का काम कर रही है. बता दें कि शुक्रवार को एफआईआई ने भारतीय बाजारों में 21,106 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे.

