होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है. इससे वैश्विक बाजार के साथ भारत की सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है.
फरवरी 2026 में भारत का कुल निर्यात (वस्तु और सेवा) सालाना आधार पर 11.05 प्रतिशत बढ़कर 76.13 अरब डॉलर हो गया. सेवाओं के निर्यात में तेज वृद्धि इसका प्रमुख कारण रही.
भारत में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर फरवरी 2026 में बढ़कर 2.13 प्रतिशत हो गई. खाद्य उत्पादों, गैर-खाद्य वस्तुओं और मैन्युफैक्चरिंग कीमतों में वृद्धि इसकी प्रमुख वजह रही.
वैश्विक तनाव के बीच घरेलू कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली. एमसीएक्स पर सोना 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया, जबकि चांदी में 5,900 रुपये से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई.
भारत की क्रेडिट इंडस्ट्री का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट दिसंबर 2025 तक 17% बढ़कर 130 लाख करोड़ रुपये हो गया. सिक्योर्ड लोन, खासकर गोल्ड और होम लोन की मांग में तेज उछाल दर्ज की गई.
मुनाफावसूली के चलते सोना-चांदी में गिरावट आई, लेकिन डॉलर की कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव के कारण कीमतों को सपोर्ट मिला. जानें MCX पर ताजा भाव और बाजार का रुख.
अमेरिका द्वारा भारतीय सोलर आयात पर 126% टैरिफ लगाने के बाद सोलर कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई. कई प्रमुख स्टॉक्स में दो अंकों तक गिरावट आई.
एसबीआई रिसर्च के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8–8.1 प्रतिशत रह सकती है. मजबूत घरेलू मांग और खपत के कारण अर्थव्यवस्था ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद गति बनाए रखी है.