Malmas Amavasya Upay: अधिकमास अमावस्या के दिन चुपके से कर लें ये काम, झमाझम होगी नोटों की बारिश

Adhik Maas Amavasya Upay: हिंदू धर्म में वैसे तो हर महीने पड़ने वाली अमावस्या तिथि का महत्व है. लेकिन अधिकमास माह की अमावस्या का अपना अलग ही महत्व है, क्योंकि यह अमावस्या 3 साल में एक बार आती है. इस दिन पृथ्वी पर पूर्वज आते हैं. इसलिए इस दिन पितरों के नाम पर तर्पण करने से वो हमें प्रसन्न होकर सुखी होने का आशीर्वाद देते है. इस साल 16 अगस्त को अधिकमास की अमावस्या तिथि है. आइए जानते हैं, इस दिन स्नान दान का शुभ मुहूर्त और वो चमत्कारी उपाय, जिससे हमारी किस्मत पलट जाएगी.

अधिकमास अमावस्या स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
अमावस्या तिथि की शुरूआत 15 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 42 मिनट से होगी. अमावस्या तिथि की समाप्ति 16 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 07 मिनट पर होगी. हिंदू धर्म में उदयातिथि सर्वमान्य होती है, इसलिए अधिकमास की अमावस्या 16 अगस्त दिन बुधवार को है. इस दिन यानी 16 अगस्त को स्नान-दान शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 05:47 बजे से 07:27 बजे तक है. ऐसी मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान, दान, ब्राह्मण भोज कराना बहुत पुण्यदायी होता है. इस दिन राहुकाल दोपहर 12:25 बजे से दोपहर 02:04 बजे तक रहेगा.

  • अधिकमास अमावस्या उपाय
    अधिकमास अमावस्या के दिन हमारे पूर्वज पृथ्वी पर वास करते हैं. इसलिए इस दिन पितरों के नाम से दान करना और तर्पण करना बेहद फलदायी होता है. इस दिन पितरों को तर्पण करने के लिए पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें और गरीब ब्राम्हण को भोजन कराकर उन्हें अपनी शक्ति अनुसार दान-दक्षिणा देकर विदाई करें. इसके साथ ही शाम के वक्त दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का दीपक जलाएं. ऐसी मान्यता है कि इस उपाय को करने हमारे पितरों के आत्मा को शांति मिलती है और वे प्रसन्न होकर हमे सदैव सुखी रहने का आशीर्वाद देते हैं.
  • ज्योतिष के अनुसार अधिकमास अमावस्या के दिन आर्थिक संकट दूर करने के लिए तुलसी की माला लेकर 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करें. ऐसी मान्यता है कि इस उपाय को करने से धन संबंधी सभी परेशानी दूर हो जाएगी. साथ ही धन आगमन के योग में वृद्धि होने लगेगी.
  • अधिकमास अमावस्या के दिन शाम के समय घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लाल रंग के धागे की बत्ती से जलाएं. ऐसी मान्यता है कि इस उपाय को करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और हमारे पास रुपये पैसे की कमी नहीं होती है.
  • अधिकमास अमावस्या के दिन भगवान शिव को शमी के पत्ते और बेलपत्र अर्पित करें. साथ ही धतूरे का पुष्प चढ़ाएं. ऐसी मान्यता है कि इस उपाय को करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और हमारे लाइफ में चली आ रही सभी परेशानियों का अंत होता है.

ये भी पढ़ेंः Amavasya: अधिकमास की अमावस्या कब है, 15 या 16 अगस्त? जानिए सही तिथि व शुभ मुहूर्त

ये भी पढ़ेंः सूर्य और शनि के आमने-सामने होने से बनेगा बेहद खास योग, इन 3 राशि वालों की चमकेगी किस्मत

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और विभिन्न जानकारियों पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

Latest News

Aaj Ka Rashifal: नवरात्रि का तीसरा दिन इन 5 राशियों के लिए रहेगा बेहद शुभ, पढ़ें अपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal, 13 October 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन हैं. हर राशि का अपना...

More Articles Like This

Exit mobile version