Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य हुआ तब रात्रि १२ बजे का समय, दिशाएं निर्मल, शीतल मंद सुगन्ध पवन चलने लगी, हर वृक्ष पर पुष्प निकल आये, भौंरे गूंजने लगे।...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भक्त्या तुष्यति केवलम्। भगवान केवल शिष्टाचार देखते तो ब्याध के ऊपर भगवान की कृपा कभी न होती। श्री शिव पुराण में व्याध की कथा है। उसको जंगल में शिव...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, दिव्य स्वरुप है भगवान का। भगवान व्यास श्रीमद्भागवत महापुराण में एक बहुत अच्छी बात कहते हैं। यदि हम आप उसे समझ सके तो बहुत अच्छी बात है। भगवान व्यास...
पुष्कर में दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण सच्चिदानंद स्वरूप हैं और श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्त कर मोक्ष का मार्ग दिखाता है.
श्रीलंका की यात्रा पर पहुंचे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग को जीवन में जोड़ने का माध्यम बताते हुए विश्व बंधुत्व और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया.
यदि संतान सुख प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, तो ज्योतिष शास्त्र में बताए गए कुछ उपाय सकारात्मक परिणाम देने वाले माने जाते हैं. जानिए कौन से उपाय संतान प्राप्ति की कामना से जुड़े हैं.
पुष्कर में आयोजित प्रवचन में दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि पसीने की कमाई सद्बुद्धि देती है और धन का सदुपयोग ही उसे अमृत बनाता है. उन्होंने धर्म को धन से श्रेष्ठ बताते हुए पाप की कमाई से दूर रहने का संदेश दिया.
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जहां राम तहां काम नहीं, जहां काम नहिं राम। तुलसी कबहुं की रहि सके, रवि रजनी एक ठाम।।
श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान कामादि विकारों को शत्रु बताते हैं- "जहि शत्रुं महाबाहो...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीरामेश्वर महादेव की स्थापना, श्री राम सेतु का निर्माण, श्री राम सेना का लंका पहुंचना, श्री राम रावण युद्ध, लंका विजय करके प्रभु श्री राम का अयोध्या पहुंचना एवं...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान की वन लीला में केवट प्रसंग एवं भरत चरित की कथा का वर्णन किया गया। भगवान की प्रत्येक लीला में भगवान की इच्छा ही प्रधान है। कहते हैं...