US-Iran Tensions: ईरान और अमेरिका में भले ही सीजफायर हो गया हो, लेकिन तनाव अब भी बरकरार है. ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार दबाव बना रहे हैं, इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने पहली बार अमेरिकी एफ-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया है. उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध से मिले अनुभवों के बाद अगर दोबारा संघर्ष हुआ तो दुनिया को और भी ‘कई सरप्राइज’ देखने को मिलेंगे. इसके अलावा युद्ध में हुए नुकसान के लिए उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट का हवाला दिया है.
अराघची ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा…
अराघची ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा कि ईरान पर युद्ध शुरू होने के कई महीनों बाद अब अमेरिकी संसद (कांग्रेस) ने माना है कि युद्ध में उनके कई अरबों डॉलर कीमत वाले विमान नष्ट हुए हैं. ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना दुनिया की पहली ऐसी सेना बन गई है, जिसने अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया है. इस युद्ध से उन्हें कई अहम सबक और नई जानकारियां मिली हैं और अगर दोबारा युद्ध हुआ तो दुनिया को और भी बड़े सरप्राइज देखने को मिल सकते हैं.
एक रिपोर्ट में अमेरिकी कांग्रेस ने लिखा…
एक रिपोर्ट में अमेरिकी कांग्रेस ने लिखा कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (OEF) नाम से ईरान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया, इस लड़ाई में पूरे मिडिल ईस्ट में हवाई, समुद्री और मिसाइल से लड़ाई हुई. अप्रैल में सीजफायर के बाद लड़ाई की रफ्तार कम हो गई. कुछ हफ्तों के अंदर कुछ हमले फिर से शुरू हो गए और हालात अभी भी ठीक नहीं हैं.
डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस (DOD, जो 5 सितंबर, 2025 के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14347 के तहत एक सेकेंडरी डिपार्टमेंट ऑफ वॉर नाम का इस्तेमाल कर रहा है) OEF में लड़ाई में हुए नुकसान का पूरा असेसमेंट पब्लिश नहीं किया है. इसमें ये भी दावा किया गया है कि युद्ध के दौरान अमेरिका को अब तक कम से कम 42 विमानों और ड्रोन की क्षति हुई है.

