US Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर जंग का धुंआ उठता हुआ दिखाई दे रही है, क्योकि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत अब अटकती हुई नजर आ रही है. इसी बीच एक ईरानी सेना के अधिकारी ने ऐसा बयान दिया है जिसने दुनिया का ध्यान खींच लिया है. ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच की जंग चाहकर भी टाली नहीं जा सकती. इसके लिए उन्होंने अपना तर्क भी दिया हैं.
ईरानी जनता कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगी
ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेहरान और वॉशिंगटन के बीच चल रही बातचीत रुकती हुई दिखाई दे रही है. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान खातम अल-अंबिया के उप प्रमुख मोहम्मद जाफर असदी ने कहा कि “अमेरिका हमसे पूरी तरह आत्मसमर्पण करने की मांग कर रहा है, लेकिन ईरानी जनता कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगी.”
इतना ही नही उन्होंने ये भी कहा कि “जब आत्मसमर्पण नहीं होगा, तो युद्ध होना तय है. हमने अभी तक अपने सभी पत्ते नहीं खोले हैं.” यानी ईरान के पास अभी भी ऐसी ताकत और योजनाएं हैं जिन्हें उसने दुनिया के सामने नहीं रखा है.
ट्रंप को एक हफ्ते में समझौते की उम्मीद
इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को लेकर जल्द कोई बड़ी प्रगति देखने को मिल सकती है. उन्हें उम्मीद है कि आने वाले एक सप्ताह के भीतर ईरान के साथ ऐसा समझौता हो सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच लागू युद्धविराम बना रहे और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य हो सके.
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उन्हें एक हफ्ते के अंदर समझौते की संभावना दिखाई दे रही है, लेकिन इस दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) को अभी उनकी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है. बता दें कि यह मसौदा खास तौर पर होर्मुज मार्ग को पूरी तरह खोलने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. ट्रंप के अनुसार, कुछ मुद्दों पर अभी भी सहमति बनना बाकी है.

