Washington: डेमोक्रेटिक पार्टी के अब्दुल एल-सैयद ने सीनेट चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हरा दिया है. इस जीत के साथ अब्दुल अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बनने जा रहे हैं. बता दें कि अमेरिका के मिडटर्म चुनाव के नतीजे आ रहे हैं. सीनेट और हाउस दोनों जगह ट्रंप बुरी तरह से हारे हैं. अब्दुल एल-सैयद की यह जीत सिर्फ एक चुनावी मुकाबले का नतीजा नहीं है. मिशिगन अमेरिका का ऐसा राज्य है जहां दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर रहती है.
किसी भी पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक कामयाबी
यहां जीत हासिल करना किसी भी पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक कामयाबी माना जाता है. इस बार मुकाबला इसलिए भी खास था क्योंकि सीनेट में किस पार्टी का दबदबा रहेगा यह काफी हद तक मिशिगन के नतीजे पर निर्भर था. अब्दुल ने न सिर्फ अपने प्रतिद्वंद्वी को हराया बल्कि डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर प्रगतिशील राजनीति को भी मजबूती दी है. उनकी जीत को 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी और डेमोक्रेटिक पार्टी की भविष्य की रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है.
अब्दुल एल-सैयद को 18,72,595 वोट मिले
मिशिगन सीनेट चुनाव में अब्दुल एल-सैयद को 18,72,595 वोट मिले. उन्हें कुल वोटों का 50.74 फीसदी समर्थन हासिल हुआ. वहीं रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को 17,45,183 वोट मिले. उनका वोट शेयर 47.29 फीसदी रहा. इस तरह अब्दुल ने 1,27,412 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. डिसीजन डेस्क मुख्यालय ने भी अब्दुल की जीत की पुष्टि की. इस नतीजे के साथ मिशिगन की उस सीट पर डेमोक्रेटिक पार्टी का कब्जा बरकरार रहेगा जो फिलहाल रिटायर हो रहे सीनेटर गैरी पीटर्स के पास है.
सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर चुके हैं अब्दुल
42 साल के अब्दुल एल-सैयद मूल रूप से मिस्र से जुड़े परिवार से आते हैं. राजनीति में आने से पहले वह सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर चुके हैं. वह डेट्रॉयट और वेन काउंटी के स्वास्थ्य विभाग का नेतृत्व भी कर चुके हैं. साल 2018 में उन्होंने मिशिगन के गवर्नर पद का चुनाव लड़ने की कोशिश की थी. हालांकि डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में उन्हें ग्रेचेन व्हिटमर से हार मिली थी. बाद में व्हिटमर मिशिगन की गवर्नर बनीं. इस बार अब्दुल ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा वादा किया था. वह मेडिकेयर फॉर ऑल योजना के समर्थक हैं. इसके तहत अमेरिका के हर नागरिक को सरकार की ओर से फंडेड स्वास्थ्य सुविधाएं देने की बात कही जाती है.
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