Ajit Doval Saudi Visit: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल रविवार को आधिकारिक दौरे पर रियाद पहुंचे, जहां उन्होंने सऊदी अरब के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं. इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, ऊर्जा सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं.
रणनीतिक साझेदारी को मिला नया बल
एनएसए डोभाल का यह दौरा भारत और सऊदी अरब के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है. दोनों देशों के बीच ऊर्जा, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है, और यह बैठक उसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.
उच्च-स्तरीय बैठकों में कई मुद्दों पर चर्चा
रियाद में भारतीय दूतावास के अनुसार, बातचीत के दौरान द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं और आपसी हितों के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई.
सऊदी नेताओं से अहम मुलाकात
अजीत डोभाल ने सऊदी अरब के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की, जिनमें ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान, विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मूसाद अल-ऐबान शामिल रहे. इन बैठकों में ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर विशेष चर्चा हुई.
भारतीय दूतावास का बयान
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा, “एनएसए अजीत डोभाल 19 अप्रैल को रियाद के आधिकारिक दौरे पर आए थे. एयरपोर्ट पर उनका स्वागत राजदूत डॉ. सुहेल खान और राजनीतिक मामलों के मंत्री एम्बेसडर डॉ. सऊद अल-सती ने किया. बाद में, उन्होंने ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान, विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. मुसैद अल-ऐबान के साथ मीटिंग की. बैठकों के दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संबंध, क्षेत्रीय स्थिति और आपसी इंटरेस्ट के दूसरे मुद्दों पर चर्चा की.”
वैश्विक कूटनीति में भारत की सक्रिय भूमिका
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत वैश्विक सुरक्षा मामलों में सक्रिय कूटनीतिक भूमिका निभा रहा है. हाल ही में, 17 अप्रैल को अजीत डोभाल ने यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और डिफेंस काउंसिल के सचिव रुस्तम उमरोव के साथ विस्तृत बातचीत की थी.
यूक्रेन मुद्दे पर भी चर्चा
इस बातचीत में पूर्वी यूरोप में चल रहे संघर्ष के दौरान भारत और यूक्रेन के बीच रणनीतिक संवाद पर जोर दिया गया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, इस बैठक में दोनों देशों के संबंधों और रूस-यूक्रेन विवाद पर चर्चा हुई. भारत ने एक बार फिर शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया.