Ali Daoud Amich: इजरायल ने हिज्बुल्लाह के आतंकवादी अली दाऊद अमिच को मार गिराया है, जो सेना की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है. बताया जा रहा है कि दाऊद हिज्बुल्लाह के इंजीनियरिंग विभाग में एक शाखा के प्रमुख के तौर पर काम कर रहा था. इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने रविवार, 1 फरवरी को हिज्बुल्लाह के आतंकवादी अली दाऊद अमिच पर हमला कर उसे मार गिराया है.
सेना का कहना है कि दाऊद आतंकी दक्षिणी लेबनान के अल-द्विर क्षेत्र में हिज्बुल्लाह के लिए सैन्य बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहा था और इजरायली बलों के खिलाफ आतंकी साजिशों को बढ़ावा दे रहा था.
एलिमिनेट कर दिया गया अली दाऊद अमिच: IDF
इजरायली सुरक्षा बलों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने एक पोस्ट में लिखा कि “एलिमिनेट कर दिया गया: अली दाऊद अमिच, जो हिज्बुल्लाह के इंजीनियरिंग विभाग में ब्रांच हेड के रूप में काम करता था. अली दक्षिणी लेबनान के अल-द्विर इलाके में हिज्बुल्लाह के आतंकी बुनियादी ढांचे को फिर से स्थापित करने और IDF सैनिकों के खिलाफ आतंकी हमलों को आगे बढ़ाने के प्रयासों में शामिल था. यह इजरायल और लेबनान के बीच हुई अंडरस्टैंडिंग का उल्लंघन है.”
सीजफायर समझौते का जिक्र
बता दें कि पिछले साल 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर समझौता हुआ था. इसके बाद से इजरायल को उम्मीद है कि लेबनानी सेना हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करेगी. दरअसल, इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच हुए समझौते में यह शर्त था कि हिज्बुल्लाह को निरस्त्र किया जाएगा. लेबनानी सेना ने सभी नॉन-स्टेट समूहों को हथियारों से मुक्त करने के अपने कई चरणों वाले प्लान के पहले हिस्से को पूरा करने के लिए 2025 के अंत तक की डेडलाइन खुद तय की थी.
संघर्ष विराम के बावजूद जारी हमले
दोनों देशों के यह संघर्ष विराम 27 नवंबर 2024 को लागू हुआ था, जिसके बाद, इजरायली सेना हिज्बुल्लाह से खतरे का हवाला देते हुए लेबनान में हमले जारी रखे हुए है. इसके साथ ही इजरायल ने लेबनान सीमा पर पांच प्रमुख स्थानों पर अपनी स्थिति भी बनाए रखी है.
इसे भी पढें:- बांग्लादेश ने चुनाव से पहले इन देशों को दिया न्योता, क्या भारत भी होंगा वोटिंग में शामिल?

