मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच तेहरान से एक बड़ी खबर सामने आई है. ईरान के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के पूर्व सलाहकार अली लारीजानी की इजरायली हमले में मौत हो गई है. इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी, जबकि ईरान ने देर रात इसकी पुष्टि की.
हमले में हुई मौत
फार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, 67 वर्षीय लारीजानी उस समय हमले का शिकार हुए जब वे तेहरान के बाहरी इलाके में अपनी बेटी से मिलने गए थे. इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है.
ईरान के लिए बड़ा झटका
लारीजानी की मौत को ईरान के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है. उन्हें देश की रणनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाला नेता माना जाता था. माना जा रहा है कि वे सैन्य और जवाबी कार्रवाई की रणनीतियों में भी सक्रिय थे.
परिवार और पृष्ठभूमि
अली अर्देशिर लारीजानी का जन्म 3 जून 1958 को इराक के नजफ में हुआ था. उनका परिवार मूल रूप से ईरान के आमोल क्षेत्र से जुड़ा था. 1961 में वे ईरान लौट आए. उन्होंने फरीदा मोताहारी से विवाह किया और उनके चार बच्चे हैं.
राजनीतिक सफर रहा लंबा
लारीजानी का राजनीतिक करियर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा. अगस्त 2025 में उन्हें सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का सचिव बनाया गया था. इससे पहले वे सुप्रीम लीडर के सलाहकार और 2005 से 2007 तक सुरक्षा परिषद के सचिव रह चुके थे.
संसद अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल
वे 2008 से 2020 तक लगातार तीन कार्यकालों के लिए ईरानी संसद के अध्यक्ष रहे. इस दौरान उन्होंने देश की नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाई.
शैक्षणिक उपलब्धियां भी खास
लारीजानी ने गणित में स्नातक करने के बाद तेहरान विश्वविद्यालय से पश्चिमी दर्शनशास्त्र में MA और PhD की. उनकी रिसर्च जर्मन दार्शनिक इमैनुएल कांट पर आधारित रही. वे एक लेखक भी थे और कई किताबें व शोध पत्र प्रकाशित कर चुके थे.

