अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ा तनाव, अमेरिका ने दी हमले की धमकी, जानिए विवाद की मुख्य वजह

America And Venezuela Tension : अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच लगातार तनाव बढ़ता ही जा रहा है. हालात जंग की तरफ बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं. ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप ने स्‍पष्‍ट चेतावनी दी है कि आने वाले समय में अमेरिका सेना वेनेजुएला के अंदर जमीनी हमले शुरू कर सकता है. वैसे देखा जाए तो अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच रिश्ता लगातार तनाव, प्रतिबंधों और राजनीतिक टकरावों से भरा रहा है. ऐसे में दोनों देशों के विवाद को सिर्फ सरकारों का टकराव कहना गलत होगा. आखिर अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच विवाद क्यों है, इसकी शुरुआत कब हुई आज दोनों देशों कहां खड़े हैं.

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार अमेरिका की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे मजबूत है और यह एक लोकतांत्रिक व्यवस्था वाला देश है. वहीं दूसरी ओर वेनेज़ुएला 1999 के बाद से ह्यूगो चावेज और फिर निकोलस मादुरो के नेतृत्व में समाजवादी और अमेरिका-विरोधी नीतियों का पालन करता रहा. बता दें कि दोनों देशों के बीच टकराव का यह सबसे बड़ा और मुख्य कारण है. इसके साथ ही धीरे-धीरे वेनेजुएला में अमेरिकी तेल कंपनियों का दखल बेहद कम हो गया था और आज भी अमेरिका को इसकी टीस है.

अमेरिका की चाहत

इस मामले को लेकर अमेरिका का कहना है कि लैटिन अमेरिकी देश में उसकी जड़ें मजबूत हों. अमेरिका यहां राजनीतिक और आर्थिक पकड़ भी बनाए रखना चाहता है. जानकारी देते हुए बता दें कि वेनेज़ुएला उसकी क्षेत्रीय नीतियों का खुलकर विरोध करता है. इतना ही नही बल्कि इसके साथ और कुछ मसलों को लेकर भी नाराज रहता है जिनमें मानवाधिकार उल्लंघन, चुनावी धांधली, अपराध और नशे का करोबार शामिल है.

अमेरिका ने वेनेज़ुएला की सरकारी तेल कंपनी पर लगाया कड़ा प्रतिबंध

बता दें कि वेनेज़ुएला दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार रखने वाला देश है. कहा जाता है कि  अमेरिका की नजर वेनेज़ुएला की तेल संपदा पर रही है. लेकिन जब दोनों देशों के बीच संबंध ठीक नही हैं तो अमेरिका का सीधा दखल यहां संभव नहीं है. जानकारी के मुताबिक, जब दखल कम हुआ तो अमेरिका ने वेनेज़ुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए. ऐसे में तेल प्रतिबंधों ने दोनों देशों की रिश्तों में विवाद और अधिक गहरा कर दिया.

वेनेज़ुएला में आर्थिक संकट

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार 2013 में ह्यूगो चावेज की मौत हो गई जिसके बाद निकोलस मादुरो सत्ता में आए. ये ऐसा समय था जब वेनेज़ुएला में आर्थिक संकट, महंगाई, बेरोजगारी और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी. इसी के साथ एक तरफ वेनेज़ुएला आंतरिक कारणों से परेशान था तो दूसरी ओर अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर आरोप लगाने शुरू कर दिए. इस मामले को लेकर अमेरिका ने कहा कि मादुरो की सरकार लोकतंत्र को कमजोर कर रही है और साथ ही वेनेज़ुएला में विपक्षी नेताओं को प्रताड़ित कर रही है. अमेरिका ने चुनाव को लेकर भी सवाल उठाए और बार-बार मानवाधिकारों के उल्लंघन की बात कही.

अमेरिका पर तख्तापलट कराने का आरोप

वर्तमान में वेनेज़ुएला में हालातों को देखते हुए 2019 में अमेरिका ने विपक्षी नेता जुआन ग्वायडो को वेनेज़ुएला का वैध अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया. दोनों देशों के बीच यह विवाद अैर बढ़ गया जब मादुरो ने अमेरिका पर तख्तापलट कराने का आरोप लगाया. इसके बाद तो अमेरिका ने वेनेज़ुएला की संपत्तियां फ्रीज कर दीं. इतना ही नही बल्कि कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगाने के साथ राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव भी बढ़ा दिया.

बिगड़े हुए नजर आ रहे हालात

ऐसे में इन सभी मसलों को देखते हुए अभी तक आपने अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच विवाद की मुख्यों वजहों के बारे जाना. आज की स्थिति की बात करें तो अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच तनाव जारी है. क्‍योंकि अमेरिका का कहना है कि मादुरो लोकतंत्र को दबा रहे हैं. वहीं वेनेज़ुएला का कहना है कि अमेरिका सत्ता बदलने की साजिश करता है. ऐसे में वेनेज़ुएला चाहता है कि अमेरिका तेल और आर्थिक प्रतिबंध हटाए. बता दें कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच विवाद गहरे हैं और हालात जंग की ओर जा रहे हैं.

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