US- Iran War: अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए सिलसिलेवार 80 ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि ये हमले उन ईरानी कार्रवाइयों के जवाब में किए गए हैं, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तीन वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया गया था. पिछले महीने के अंत में दोनों देशों के बीच हुए कई दिनों के हमलों और जवाबी हमलों के बाद यह पहली बड़ी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है.
तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया
इस ताजा हमले से क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. अमेरिकी सैन्य बयान के अनुसार, इन शक्तिशाली हमलों का मुख्य उद्देश्य वाणिज्यिक शिपिंग पर हमलों के लिए ईरान पर भारी कीमत थोपना है. अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि ईरान द्वारा दिखाई गई यह आक्रामकता अनुचित, खतरनाक और युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन है.
ईरान में छह गोले/प्रोजेक्टाइल गिरे
हालांकि अमेरिकी सेना ने अभी तक अपने लक्ष्यों की सटीक जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के सिरिक स्थित ताहिरौई पियर क्षेत्र में छह गोले/प्रोजेक्टाइल गिरे हैं. अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी प्रणाली, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया गया है.
शहरों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी
दक्षिणी ईरान के सिरीक, केशम और बंदर अब्बास जैसे प्रमुख बंदरगाह शहरों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं. इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का विदेश मंत्रालय, अमेरिका द्वारा समझौते का उल्लंघन किए जाने के नतीजों के बारे में चेतावनी देते हुए, अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी कोई भी कदम उठाएगा.
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