पीएम मोदी की रूस यात्रा के बाद बदला नजर आ रहा अमेरिका, इस बात पर मांगा समर्थन

Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Russia Ukraine War: रुस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है. आने वाले काफी समय तक इसके थमने के कोई आसार नहीं है. इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत के साथ द्विपक्षीय सहयोग की बात को प्रमुखता देने पर जोर दिया है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा कहा गया है कि अमेरिका चाहता है कि भारत यूक्रेन में स्थायी और न्यायपूर्ण शांति स्थापित करने के उसके प्रयासों का समर्थन करे.

दरअसल, संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने पीएम मोदी की मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हाल में हुई बैठकों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में ये बाते कही. आइए आपको पूरा मामला बताते हैं.

भारत को लेकर अमेरिका का मन

एक सवाल के जवाब में विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा कि भारत अनेक प्रमुख क्षेत्रों में हमारा साझेदार है, और यह बात पिछले ग्रीष्मकाल में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हुई थी, जब प्रधानमंत्री मोदी राजकीय यात्रा पर अमेरिका आए थे. इसके अलावा, यूक्रेन-रूस के बीच जारी जंग और यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता व संप्रभुता पर उसके प्रभाव के संदर्भ में, हम भारत समेत अपने सभी साझेदारों से यूक्रेन में स्थायी व न्यायपूर्ण शांति स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन करने का अनुरोध करते हैं.

रूस की यात्रा पर गए थे पीएम मोदी

जानकारी दें कि पीएम मोदी 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए 8-9 जुलाई को रूस में थे. इस यात्रा पर दुनिया के तमाम देशों की नजर थी, ऐसा इसलिए क्योंकि वर्तमान में रुस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है. साल 2022 में शुरू हुए रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के बाद पीएम मोदी की ये पहली रूस यात्रा थी. अपनी यात्रा के दौरान 9 जुलाई को पुतिन के साथ वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कहा था कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान युद्ध के मैदान में संभव नहीं है और शांति के प्रयास बम व गोलियों के बीच सफल नहीं होते हैं.

भारत और रूस के संबंध हो रहे मजबूत

उल्लेखनीय है कि भारत हमेशा से रूस के साथ अपने संबंधों का मजबूती के साथ बचाव करता रहा है. वहीं, यूक्रेन संघर्ष के बावजूद दोनों देशों के संबंध मजबूत रहे हैं. भारत की ओर से अभी तक यूक्रेन पर रूस के द्वारा यूक्रेन पर हुए हमले की निंदा नहीं की है. वहीं, लगातार बातचीत व कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के समाधान की वकालत करता रहा है.

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