‘पूरी तरह खुले होर्मुज, टोल-निजीकरण मंजूर नहीं’, ईरान की ओर से गोलीबारी के बीच ऑस्ट्रेलियाई PM का कड़ा बयान

Sydney:  ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गोलीबारी के बीच ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह समुद्री रास्ता पूरी तरह खुला रहना चाहिए और इस पर किसी तरह का टोल या निजीकरण नहीं होना चाहिए. उन्होंने यह बात एक वर्चुअल समिट के बाद कही, जिसमें 49 देशों ने हिस्सा लिया. इस बैठक की मेजबानी इमैनुएल मैक्रों और कीर स्टारमर ने की थी.

समुद्री आवाजाही को सुरक्षित रखने पर जोर

सभी देशों ने एक जैसी सोच रखते हुए तनाव कम करने और समुद्री आवाजाही को सुरक्षित रखने पर जोर दिया. अल्बनीज़ ने कहा कि अगर यह संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार ऑस्ट्रेलिया के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है.

पेट्रोल में सल्फर की सीमा को बढ़ाया

इस बीच ऑस्ट्रेलिया में ईंधन संकट को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल में सल्फर की सीमा को अस्थायी रूप से बढ़ा दिया है, ताकि सप्लाई बनी रहे. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि पश्चिम एशिया से तेल सप्लाई प्रभावित हुई है. ऑस्ट्रेलिया अब एशिया के अन्य देशों से अतिरिक्त ईंधन की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहा है, ताकि देश में कमी न हो.

होर्मुज को दोबारा नियंत्रण में लेकर बंद

कुल मिलाकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता तनाव अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक चिंता बन चुका है. ईरान ने सामरिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा अपने नियंत्रण में लेकर तुरंत बंद कर दिया है. इसके साथ ही खाड़ी में युद्ध जैसे हालात बनने लगे हैं. नाकेबंदी के चलते समुद्र में जहाजों की लंबी कतारें लग गई हैं, जबकि वहां से गुजर रहे दो जहाजों पर गोलीबारी की गई है.

नौसेना से लेनी होगी इजाजत 

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने साफ कहा है कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर व्यापारिक जहाज को IRGC की नौसेना से इजाजत लेनी होगी. ईरान के इस आक्रामक कदम के बाद अमेरिका के साथ तनाव फिर चरम पर है. इसका सीधा असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और सुरक्षा पर पड़ता दिख रहा है.

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