Tehran: भारत के विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को तेहरान पहुंचकर पूर्व ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रतिनिधिमंडल में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन भी शामिल हैं. दोनों नेताओं ने खामेनेई को पुष्पांजलि अर्पित की और भारत की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की.
राजकीय अंतिम संस्कार का आयोजन
ईरान ने खामेनेई के सम्मान में कई दिनों तक चलने वाले राजकीय अंतिम संस्कार का आयोजन किया है. इस समारोह में दुनिया के करीब 100 देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है. पूर्व ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 3 जुलाई से 9 जुलाई तक ईरान और इराक के कई शहरों में आयोजित किए जाएंगे. इन दिनों श्रद्धांजलि सभाएं, जनाजे की रस्में और अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे.
पूरे राजकीय और धार्मिक सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक
सभी कार्यक्रमों का समापन मशहद में होगा, जहां खामेनेई को पूरे राजकीय और धार्मिक सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में दुनिया के करीब 90 देशों के प्रतिनिधिमंडलों के शामिल होने की पुष्टि हुई है. विभिन्न देशों के वरिष्ठ नेता और अधिकारी तेहरान पहुंचकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे. भारत से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और जम्मू-कश्मीर अंजुमन-ए-शरिया शियान के अध्यक्ष आगा सैयद हसन मूसवी अल सफवी समारोह में शामिल होंगे.
ताजिकिस्तान से राष्ट्रपति इमोमाली रहमान भी शामिल होंगे
रूस से देश की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए तेहरान जाएंगे. ताजिकिस्तान से राष्ट्रपति इमोमाली रहमान भी खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होंगे.
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