Washington: अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को से कनाडा और अलास्का की यात्रा पर निकले एक लग्जरी क्रूज जहाज में पेट और आंत से संबंधित नोरोवायरस का बड़ा प्रकोप देखने को मिला है. इस संक्रमण की चपेट में 125 लोग आए हैं, जिनमें 102 यात्री और 23 चालक दल के सदस्य भी शामिल हैं. इस घटना के बाद हेल्थ एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. नोरोवायरस को ‘स्टमक फ्लू’ भी कहा जाता है.
साधारण सैनिटाइजर से आसानी से नहीं मरता
यह वायरस बिना साबुन के साधारण सैनिटाइजर से आसानी से नहीं मरता है. बंद जगहों पर यह बहुत तेजी से हवा और छुई गई सतहों के जरिए एक इंसान से दूसरे इंसान में ट्रांसफर होता है. नोरोवायरस पेट और आंत से संबंधित अत्यधिक संक्रामक वायरस है. यह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, दूषित भोजन या पानी पीने और संक्रमित सतहों को छूने से फैल सकता है.
बड़ी संख्या में सीमित जगह
क्रूज जहाज, हॉस्टल, अस्पताल और वृद्धाश्रम जैसी जगहों पर इसके फैलने का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि यहां पर बड़ी संख्या में लोग सीमित जगह में रहते हैं. वैसे कुछ लोगों में यह संक्रमण कुछ दिन में ही ठीक हो जाता है. लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारी से परेशान लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. सीडीसी के अनुसार, रूबी प्रिंसेस क्रूज पर लगभग 3,032 यात्री और 1,144 चालक दल के सदस्य मौजूद थे.
जहाज पर अतिरिक्त स्वच्छता अभियान चलाया
संक्रमण की जानकारी 28 जून को स्वास्थ्य अधिकारियों को दी गई. लेकिन संक्रमित एक साथ बीमार नहीं हुए थे. इस मामले को लेकर प्रिंसेस क्रूज कंपनी ने बताया कि जहाज पर अतिरिक्त स्वच्छता अभियान चलाया गया. जहाज को अगली यात्रा से पहले पूरी तरह साफ और कीटाणुरहित किया गया, ताकि संक्रमण दोबारा न फैले. इस साल इस कंपनी के जहाजों पर वायरस अटैक का यह तीसरा मामला है.
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