Ayatollah Ali Khamenei: ईरान में पिछले सप्ताह शुरू हुए विरोध प्रदर्शन की आग लगातार बढ़ती ही जा रही है. इसी बीच खबर आई है कि देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मॉस्को भाग सकते हैं. दरअसल, एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, यदि ईरान में खोमेनेई का शासन गिर जाता है तो वो मॉस्को जा सकते हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर खामेनेई की सुरक्षा एजेंसियां बढ़ते प्रदर्शनों को दबाने में नाकाम रहती है या अशांति के बीच उनका साथ छोड़ देती हैं, तो वो तेरहान को छोड़कर अपने सहयोगियों और परिवार के साथ देश से निकल सकते है.
क्या है खोमेनेई का प्लान-B
खुफिया सूत्रों का कहना है कि खामेनेई के लिए प्लान बी यह है कि वो अपने बेहद करीबी सहयोगियों और परिवार के साथ, जिनमें उनका बेटा और नामित उत्तराधिकारी मोजतबा भी शामिल है, देश छोड़ सकते हैं. इस प्लान के तहत वे अपने करीबी लगभग 20 सहयोगियों और परिवार के सदस्यों के साथ ईरान छोड़ सकते हैं.
वहीं, इससे पहले दिसंबर 2024 में, सीरिया के तत्कालीन राष्ट्रपति बशर अल-असद, जो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और खामेनेई दोनों के सहयोगी थे, विद्रोहियों के सत्ता पर कब्जे के बाद मॉस्को भाग गए थे.
कैसे भागेंगे रूस?
सूत्रों के मुताबिक, यदि खामेनेई को भागने की जरूरत महसूस होती है, तो उन्होंने पहले से ही तेहरान से बाहर निकलने का रास्ता तय कर रखा है, जिसमें विदेशों में संपत्तियां और प्रॉपर्टी जुटाना शामिल है, ताकि सुरक्षित रूप से निकलने की व्यवस्था की जा सके. रिपोर्ट में ये भी बताया कि जून में इजराइल के साथ हुए 12 दिनों के युद्ध के बाद खामेनेई अब मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो गए हैं.
देश में बढ़ते जा रहे प्रदर्शन
बता दें कि ईरान में बढ़ते आर्थिक संकट, महंगाई, गिरती करेंसी के चलते लोगों का गुस्सा फूटा. तेहरान में दुकानदार हड़ताल पर चले गए, देखते ही देखते पूरे देश में विरोध की आग फैल गई. लोग महंगाई के खिलाफ सड़कों पर निकल आए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जा रही है. कई जगह पर आगजनी हो रही है. ईरान में एक हफ्ते से जारी अशांति के दौरान कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है. पूरे हफ्ते मौतों और गिरफ्तारियों की खबरें सामने आई हैं.
मसूद पेजेशकियान का बयान
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशि ने गृह मंत्रालय से प्रदर्शनकारियों के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार रवैया अपनाने को कहा है. उनका कहना है कि समाज को जोर-जबरदस्ती के तरीकों से न तो समझाया जा सकता है और न ही शांत किया जा सकता है.
ट्रंप ने दी चेतावनी
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की गई तो वो उनकी मदद के लिए आगे आ सकते हैं. इस चेतावनी के बाद ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की धमकियां दी गईं. सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा कि ईरान दुश्मन के आगे झुकेगा नहीं.
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