balen shah india china visits: नेपाल में जेन जेड विरोध प्रदर्शनों के बाद सत्ता में आए प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार के 100 दिन पूरे हो गए हैं. इस दौरान बालेन शाह सरकार ने जहां कई शानदार कदम उठाए हैं, वहीं विदेश नीति के मोर्चे पर उनकी आलोचना भी हुई. दरअसल, जब संसद में नेपाली पीएम ने यह स्वीकार किया था कि नेपाल ने भारतीय जमीन पर कब्जा कर रखा है, इसके बाद नेपाल में बवाल हो गया था और संसद से लेकर सड़क तक उनके खिलाफ प्रदर्शन हुए. यहां तक की बालेन शाह के इस्तीफे की मांग की गई. इसके बाद नेपाल सरकार ने इस पर सफाई दी.
बता दें कि बालेन शाह ने सत्ता संभालने के बाद अभी तक किसी देश की यात्रा नहीं की है. नेपाली विदेश मंत्री ने बताया है कि बालेन शाह भारत और चीन दोनों ही पड़ोसी देशों की यात्रा पर कब जाएंगे.
पीएम बालेन कब जाएंगे भारत और चीन
दरअसल, हाल ही में भारत आने वाले नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने कहा कि पीएम बालेन शाह की भारत और चीन यात्रा के लिए अभी डेट तय नहीं हुई है. उन्होने कहा कि हमने यह तय किया था कि पीएम बालेन शाह पहले 100 दिन नेपाल पर फोकस करेंगे. खासकर सुशासन और सरकार का 100 सूत्री एजेंडा लागू करने पर. खनल ने कहा कि इन प्राथमिकताओं की वजह से हमने विदेश नीति की बजाय पहले आंतरिक मामले पर फोकस किया. इस बीच मैंने चीन और भारत की यात्रा भी की.
नेपाल के विदेश मंत्री ने बताई यात्रा की शर्त
नेपाली विदेश मंत्री ने कहा कि हमने चीन और भारत दोनों ही देशों के साथ बातचीत और सहयोग को जारी रखा हुआ है. साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम बालेन शाह की दोनों देशों की यात्रा के लिए तैयारी जारी है. हालांकि अभी कुछ घरेलू काम किया जाना बाकी है. विदेश मंत्री ने कहा कि पीएम बालेन शाह तब भारत और चीन के दौरे पर जाएंगे जब इन यात्राओं से कुछ ठोस निकले और नेपाल के राष्ट्रीय हित को आगे बढ़ाया जा सके. साथ ही नेपाल के विकास और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा दे.
बालेन शाह सरकार के प्रति भारत और चीन के रवैया को लेकर पूछे जाने पर खनल ने कहा कि दोनों ही देशों ने बहुत ही सकारात्मक तरीके से जवाब दिया है. बालेन शाह के भारतीय जमीन पर कब्जे वाले बयान और सीमाई लोगों को हो रही दिक्कतों पर नेपाली विदेश मंत्री ने कहा कि सीमा को लेकर विवाद और चिंताएं कुछ समय से हैं. हालांकि सीमा पर लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए बातचीत और संवाद जारी है.

