Bangladesh Election: बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान जारी है. इसी बीच अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर डॉ. मुहम्मद यूनुस ने भी ढाका के गुलशन मॉडल हाई स्कूल एंड कॉलेज में वोट डाला. इस दौरान उन्होने कहा कि ये चुनाव नए बांग्लादेश का जन्मदिन है.
चुनाव के दिन को बहुत खुशी वाला दिन बताते हुए मुख्य सलाहकार यूनुस ने कहा कि देश ने बुरे सपने जैसे अतीत को पूरी तरह से त्याग दिया है और नागरिकों से संसदीय चुनाव और रेफरेंडम दोनों में हिस्सा लेने की अपील की. इसके साथ ही उन्होंने देश को ईद की बधाई भी दी.
नासिर उद्दीन ने भी वोटिंग को लेकर दी प्रतिक्रिया
चीफ इलेक्शन कमिश्नर एएमएम नासिर उद्दीन ने ढाका में वोट डालने के बाद चल रही वोटिंग प्रक्रिया को लेकर उम्मीद जताई. उन्होंने मीडिया से कहा, “हम देश को त्योहार के मूड में चुनाव का तोहफा देना चाहते थे. बांग्लादेश लोकतंत्र की ट्रेन में सवार हो गया है और जल्द ही अपनी मंजिल तक पहुंच जाएगा.” उन्होंने वोटिंग की तुलना ईद पर घर जा रहे लोगों से की.
नासिर उद्दीन ने कहा कि उन्होंने हाल के दिनों में दर्जनों अंतरराष्ट्रीय चुनाव ऑब्जर्वर और वॉचडॉग समूहों से मुलाकात की है. वे चुनाव आयोग के इंतजामों से बहुत खुश हैं.
नसीरुद्दीन पटवारी ने चुनाव पर जताई खुशी
जमात के साथ गठबंधन के उम्मीदवार और नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के चीफ सहायक नसीरुद्दीन पटवारी ने गुरुवार को ढाका-8 चुनाव क्षेत्र में वोटिंग के माहौल पर खुशी जताई, लेकिन उन्होंने पिछली रात उनके समर्थकों पर हमले का आरोप लगाया. उन्होंने आरामबाग हाई स्कूल और कॉलेज पोलिंग सेंटर का दौरा करने के बाद कहा कि स्थिति शांतिपूर्ण रही.
उन्होंने कहा, “अभी तक वोटिंग का माहौल अच्छा है. सुबह से कोई अनहोनी नहीं हुई है.” अपनी चुनावी संभावनाओं के बारे में उम्मीद जताते हुए नसीरुद्दीन ने कहा, “इस चुनाव क्षेत्र में मेरी जीत का मतलब उस्मान हादी की जीत होगी. लोगों ने मुझे बताया है कि वे मेरे जरिए हादी को वोट दे रहे हैं.”
चुनाव तारीखों के ऐलान के बाद सामने आए कई हत्या के मामले
चुनाव की तारीख के ऐलान के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक हत्या के कई मामले सामने आए. हादी की हत्या उनमें से एक मामला है. दिसंबर 2025 में कट्टरपंथी समूह इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी को दिनदहाड़े दो बाइक सवार लोगों ने गोली मार दी थी.
हादी को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में उन्हें सिंगापुर भी भेजा गया. हालांकि, इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई. हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में जगह-जगह पर आगजनी और भारी हिंसा देखने को मिली थी.
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