अंधेरे में मनेगी ईद, जल्द बंद होंगे स्कूल-कॉलेज, ईरानी जंग का बांग्लादेश पर असर

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Bangladesh Energy Crisis : बांग्लादेश में सोमवार से सभी यूनिवर्सिटी बंद कर दी जाएंगी. यूनिवर्सिटीज के इस समय बंद होने का मतलब यह है कि ईद-उल-फितर की छुट्टियां पहले हो जाएंगी. बता दें कि बांग्लादेश की सरकार का यह फैसला मिडिल ईस्ट में संघर्ष से जुड़े बिगड़ते एनर्जी संकट के बीच बिजली और फ्यूल बचाने के इमरजेंसी उपायों का हिस्सा है.

इस मामले का लेकर बांग्लादेश अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला देश भर की सभी पब्लिक और प्राइवेट यूनिवर्सिटी पर लागू होगा. ऐसे में अधिकारियों ने कहा कि इस कदम से ना केवल बिजली की खपत कम होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम भी कम होगा और इससे फ्यूल की बर्बादी होती है. इस दौरान अधिकारियों का कहना है कि यूनिवर्सिटी कैंपस में रहने की जगहों, क्लास रूम, लैब और एयर कंडीशनिंग के लिए बहुत ज्यादा बिजली खर्च होती है, और जल्दी बंद करने से देश के दबाव वाले पावर सिस्टम पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी.

रमजान के महीने में बंद रहेंगे स्‍कूल

इसके साथ ही बांग्लादेश में सरकारी और प्राइवेट स्कूल पहले से ही रमजान के महीने में बंद हैं. ऐसे में इसका मतलब है कि देश भर के ज्यादातर एजुकेशनल इंस्टिट्यूट अब इस दौरान बंद रहेंगे. बता दें कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में रुकावटों के बाद बांग्लादेश फ्यूल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ती अनिश्चितता का सामना कर रहा है.

एनर्जी जरूरतों के लिए इंपोर्ट पर निर्भर बांग्लादेश

जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेश अपनी 95 फीसदी एनर्जी जरूरतों के लिए इंपोर्ट पर निर्भर है. इतना ही नही बल्कि देश ने पैनिक में खरीदारी और स्टॉक जमा करने के बाद फ्यूल की बिक्री पर डेली लिमिट लगा दी थी. बता दें कि बड़े पैमाने पर बचत के उपायों के तहत, सरकार ने सभी विदेशी स्कूलों और प्राइवेट कोचिंग सेंटरों से भी इस दौरान बिजली का इस्तेमाल कम करने के लिए ऑपरेशन रोकने को कहा है.

फ्यूल और इंपोर्ट सप्लाई में स्थिरता

इसके साथ ही गैस की भारी कमी के कारण बांग्लादेश को पहले ही अपनी 5 सरकारी फर्टिलाइजर फैक्ट्रियों में से 4 का ऑपरेशन रोकना पड़ा है. बता दें कि बड़े पैमाने पर बिजली कटौती से बचने के लिए उपलब्ध गैस को पावर प्लांट में भेजा जा रहा है. ऐसे में इस मामले को लेकर एनर्जी मिनिस्ट्री के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि “हम खपत कम करने और पावर, फ्यूल और इंपोर्ट सप्लाई में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं.”

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