India Steel Production: भारत के स्टील सेक्टर ने चालू FY26-27 की पहली छमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है. घरेलू मांग में तेजी और सड़क, रेलवे तथा बंदरगाह जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में बढ़ती गतिविधियों का सीधा असर स्टील उत्पादन और खपत पर दिखाई दिया है. इस दौरान फिनिश्ड स्टील के उत्पादन से लेकर निर्यात और क्रूड स्टील उत्पादन तक में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस्पात मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच फिनिश्ड स्टील का उत्पादन 3.7% बढ़कर 81.8 मिलियन टन हो गया. पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 78.8 मिलियन टन था. स्टील उत्पादन में इस बढ़ोतरी के पीछे मजबूत घरेलू मांग और देश में चल रही बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्रमुख वजह माना जा रहा है.
स्टील की खपत में 7.9% की बढ़ोतरी
पहली छमाही में देश में फिनिश्ड स्टील की खपत भी तेजी से बढ़ी. अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान खपत 7.9 प्रतिशत बढ़कर 84.9 मिलियन टन हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 79 मिलियन टन थी. सड़क, रेलवे और बंदरगाहों से जुड़ी सरकारी परियोजनाओं में निर्माण गतिविधियां बढ़ने से स्टील की मांग को लगातार समर्थन मिला है.
स्टील निर्यात में भी जोरदार उछाल
घरेलू बाजार के साथ भारतीय स्टील की विदेशों में मांग भी बढ़ी है. अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान स्टील निर्यात 26.2% बढ़कर 35.5 लाख टन हो गया. एक साल पहले इसी अवधि में भारत ने 28.1 लाख टन स्टील का निर्यात किया था. निर्यात से होने वाली कमाई में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई. मूल्य के आधार पर स्टील निर्यात से आय 28.9% बढ़कर 28,263.7 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 21,931.5 करोड़ रुपये थी. यह आंकड़ा वैश्विक बाजार में भारतीय स्टील की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होने का संकेत देता है.
क्रूड स्टील उत्पादन भी बढ़ा
देश में क्रूड स्टील के उत्पादन में भी पहली छमाही के दौरान बढ़ोतरी हुई. अप्रैल-सितंबर 2026 में क्रूड स्टील उत्पादन 85.1 मिलियन टन रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 82.7 मिलियन टन से 2.9 प्रतिशत अधिक है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत की कुल क्रूड स्टील उत्पादन क्षमता अब 222.9 मिलियन टन प्रति वर्ष तक पहुंच चुकी है. इससे राष्ट्रीय स्टील नीति 2030 के तहत निर्धारित 300 मिलियन टन सालाना क्षमता के लक्ष्य की दिशा में प्रगति को मजबूती मिली है.
एनएमडीसी के लौह अयस्क उत्पादन में भी तेजी
सरकारी खनन कंपनी एनएमडीसी ने भी चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में उत्पादन के मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन किया है. सितंबर 2026 में कंपनी का लौह अयस्क उत्पादन 8 प्रतिशत बढ़कर 4.04 मिलियन टन रहा. वहीं, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान एनएमडीसी का कुल उत्पादन 27.3 मिलियन टन पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले करीब 23 प्रतिशत अधिक है.
नागरनार में पेलेट प्लांट शुरू
एनएमडीसी ने छत्तीसगढ़ के नागरनार में 20 लाख टन सालाना क्षमता वाले पेलेट प्लांट का संचालन भी शुरू कर दिया है. यह प्लांट 5,427 करोड़ रुपये की एकीकृत परियोजना का हिस्सा है. इस परियोजना में बचेली स्थित लौह अयस्क प्रसंस्करण संयंत्र, 135 किलोमीटर लंबी स्लरी पाइपलाइन और नागरनार पेलेट प्लांट शामिल हैं. परियोजना के जरिए बैलाडीला क्षेत्र से निकलने वाले लौह अयस्क फाइन्स और स्लाइम्स में मूल्य संवर्धन किया जाएगा. साथ ही सड़क परिवहन पर निर्भरता घटाने और लौह अयस्क की पूरी मूल्य शृंखला में एनएमडीसी की मौजूदगी मजबूत करने में मदद मिलेगी.
स्टील उद्योग में सुरक्षा के लिए बनेगी नई व्यवस्था
स्टील उद्योग में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए सरकार ने स्टील इंडस्ट्री सेफ्टी काउंसिल (SISC) गठित करने का फैसला किया है. यह शीर्ष निकाय इस्पात मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में काम करेगा. काउंसिल का फोकस औद्योगिक दुर्घटनाओं की रोकथाम, सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने और स्टील उद्योग में सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने पर रहेगा. इसके साथ स्टील इंडस्ट्री सेफ्टी डायरेक्टरेट (SISD) भी बनाया जाएगा. यह सुरक्षा ऑडिट करने, गंभीर दुर्घटनाओं की जांच करने और भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा मानक तैयार करने का काम करेगा.
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