Dhaka: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार के साथ हुई घटना पर भारत की सफाई ‘असंतोषजनक’ है. बांग्लादेश विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में भारतीय पक्ष की सफाई संतोषजनक नहीं थी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सूचना और रणनीति सलाहकार जाहिद उर रहमान के साथ हुई घटना ‘दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक’ थी.
बांग्लादेश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
अधिकारी के अनुसार, भारतीय अधिकारियों को पहले ही बता दिया गया था कि प्रधानमंत्री के सलाहकार ‘इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन’ की बैठक में बांग्लादेश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. बीएसएस की खबर में कहा गया कि रहमान इस महीने की शुरुआत में बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे, लेकिन उन्हें दिल्ली हवाई अड्डे पर रोक लिया गया.
भारत में प्रवेश की अनुमति दी
ढाका की यह प्रतिक्रिया भारतीय विदेश मंत्रालय के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें कहा गया कि रहमान को उनकी यात्रा के मकसद की पुष्टि के बाद भारत में प्रवेश की अनुमति दी गई थी, लेकिन उन्होंने ढाका लौटने का फैसला किया. रहमान को एक हफ्ते से ज्यादा पहले दिल्ली हवाई अड्डे पर इमीग्रेशन अधिकारियों ने कुछ देर के लिए रोक लिया था, जिसके बाद बांग्लादेश ने भारत के सामने विरोध दर्ज कराया था.
निजी पासपोर्ट पर भारत आए थे
रहमान का नाम सुरक्षा से जुड़ी एक ‘ब्लैकलिस्ट’ में था. भारत में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सलाहकार 14 जून को एक दक्षेस वीजा के साथ निजी पासपोर्ट पर भारत आए थे. वह ‘इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन’ के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति की 28वीं बैठक में शामिल होने आए थे.
आव्रजन अधिकारियों ने पूछताछ की
जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सलाहकार से दिल्ली हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने पूछताछ की थी और बाद में उनकी यात्रा का उद्देश्य बहुपक्षीय बैठक में शामिल होना था, इसकी पुष्टि के बाद उन्हें अनुमति दे दी गई. जायसवाल ने कहा, ‘हालांकि, उन्होंने अपनी मर्जी से ढाका लौटने का फैसला किया.’ विदेश मंत्रालय ने 15-16 जून को दिल्ली में आईओआरए के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति की 28वीं बैठक की मेजबानी की थी.
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