Bangladesh: मोहम्मद यूनुस का बयान, भारत से पूर्व PM शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करेगा बांग्लादेश!

Raginee Rai
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Bangladesh: बांग्लादेश छोड़न के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में ही अज्ञात स्थान पर रह रही हैं. वहीं, अब बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने शेख हसीना को लेकर रविवार को बड़ा बयान जारी किया है. मोहम्मद यूनुस ने कहा है कि उनका प्रशासन भारत से शेख हसीना के प्रत्‍यर्पण की मांग करेगा.

मोहम्मद यूनुस का बयान

दरअसल, रविवार को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर देश को संबोधिक किया. इस दौरान मोहम्‍मद यूनुस ने कहा कि अंतरिम सरकार हसीना सहित उन लोगों पर मुकदमा चलाएगी, जो छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शनों में सैकड़ों मौतों के लिए जिम्मेदार हैं. मालूम हो कि बांग्‍लादेश में तख्‍तापलट के बाद मोहम्मद यूनुस ने बीते 8 अगस्त को बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख का कार्यभार संभाला था.

भारत से मांग करेंगे- मोहम्मद यूनुस

यूनुस ने कहा है कि केवल प्रदर्शन ही नहीं बल्कि शेख हसीना की सरकार में कथित तौर पर जबरन गायब किए गए लोगों समेत मानवाधिकारों के सभी अन्य उल्लंघनों के मामलों की भी जांच की जाएगी. अतंरिम सरकार के मुखिया ने कहा कि हम भारत से तानाशाह शेख हसीना को स्वदेश भेजने की मांग करेंगे. यूनुस ने ये भी बताया कि इस मामले में उन्होंने इंटरनेशनल आपराधिक न्यायालय के मुख्य प्रोसेक्यूटर करीम खान के साथ भी चर्चा की है.

इंटरपोल से मदद मांगी

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रशासन ने इंटरपोल से भी शेख हसीना और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए ‘रेड नोटिस’ जारी करने के लिए मदद मांगी है. मोहम्‍मद यूनुस ने कहा है कि उनकी सरकार का सबसे अहम काम एक निर्वाचित सरकार को सत्ता में लाने के लिए चुनाव आयोजित करवाना है. हालांकि, उन्‍होंने ये नहीं बताया कि चुनाव का आयोजन कब होगा.

ये भी पढ़ें :- उत्तर कोरिया के तानाशाह ने अपनी कसम से दुनिया को डराया, आखिर क्या है किम जोंग का इरादा?

Latest News

Mobile Manufacturing Scheme: ₹62,500 करोड़ की नई स्कीम को मंजूरी, भारत बनेगा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब

केंद्रीय कैबिनेट ने ₹62,500 करोड़ की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को मंजूरी दे दी है. यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी और मोबाइल उत्पादन, निर्यात, घरेलू विनिर्माण तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी.

More Articles Like This

Exit mobile version