Bhutan Earthquake: भूटान के पुनाखा के पास रात लगभग 11:06 बजे करीब 5.6 तीव्रता का भूकंप आया. इस दौरान भूकंप के झटके पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों असम, मेघालय सहित अन्य हिस्सों के साथ ही बांग्लादेश, नेपाल और चीन में भी महसूस किए गए. भूटान के पुनाखा के पास मात्र 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर 5.6 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे पूर्वी हिमालय क्षेत्र में व्यापक रूप से झटके महसूस किए गए.
दरअसल, हिमालय ने एक बार फिर याद दिलाया है कि यह पृथ्वी के सबसे सक्रिय भूवैज्ञानिक क्षेत्रों में से एक है.भूकंप केंद्र की दूरी भारत के गुवाहाटी से लगभग 250 किमी दूर भूटान के पुनाखा में था.
क्यों इतनी दूरी तक महसूस हुए झटके
भूकंप के झटके महसूस किया गया क्षेत्र पूर्वी हिमालयी चाप के साथ-साथ दक्षिण की ओर ब्रह्मपुत्र-बांग्लादेश के मैदानों तक फैला हुआ है. इससे पता चलता है कि भूकंप के अनुभव में क्षेत्रीय भूविज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका रही. वहीं, ब्रह्मपुत्र बेसिन के नीचे मौजूद मोटी जलोढ़ तलछट भू-कंपन को बढ़ा सकती है, जिससे मध्यम तीव्रता के भूकंप भी आश्चर्यजनक रूप से लंबी दूरी तक महसूस किए जा सकते हैं.
बता दें कि यह भूकंप उस विशाल टकराव क्षेत्र में आया, जहां भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट के साथ धीमी लेकिन निरंतर गति से अभिसरण कर रही है. इस निरंतर टकराव से उत्पन्न तनाव हिमालय के निर्माण और दुनिया के कुछ सबसे महत्वपूर्ण भूकंपों के लिए जिम्मेदार हैं. हालांकि, 5.6 तीव्रता के भूकंप को मध्यम माना जाता है, यह इस बात का एक और प्रमाण है कि पूर्वी हिमालय एक गतिशील और विकसित होती हुई टेक्टोनिक सिस्टम बनी हुई है.