‘राष्ट्रपति के पास शक्ति, लेकिन वो शहंशाह नहीं’,जन्मजात नागरिकता पर ट्रंप के फैसले को चुनौती देंगे न्यू जर्सी के अटॉर्नी जनरल

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Birth Right Citizenship: अमेरिका में डोनाल्‍ड ट्रंप के राष्‍ट्रपति पद के शपथ लेते ही वहां उनका विरोध भी शुरू हो गया है. दरअसल, अमेरिका में न्यू जर्सी सहित 15 से अधिक प्रांतों का कहना है कि वो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को चुनौती देंगे, जो जन्म के आधार पर नागरिकता की संवैधानिक गारंटी को समाप्त करता है.

न्यू जर्सी के डेमोक्रेटिक अटॉर्नी जनरल मैट प्लैटकिन ने बताया कि वो ट्रंप के आदेश पर रोक लगाने के लिए मुकदमा दायर करने में 18 प्रांतों, ‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया’ और सैन फ्रांसिस्को शहर के एक समूह का नेतृत्व कर रहे हैं. इस दौरान उन्‍होने ये भी कहा कि ‘‘राष्ट्रपति के पास व्यापक शक्ति होती है, लेकिन वह शहंशाह नहीं हैं.’’

ट्रंप ने चुनाव प्रचार अभियान में उठाया मुद्दा 

आपको बता दें कि हाल पिछले दिनों जारी किए गए ट्रंप के आदेश के तहत अमेरिका में जन्मे लोगों को स्वतः नागरिकता प्रदान करने की नीति समाप्त हो जाएगी. हालांकि उन्‍होंने चुनाव प्रचार के दौरान ही कहा था कि वो राष्‍ट्रपति बनने के बाद ऐसा कुछ कर सकते है. वहीं, मैट प्लैटकिन और प्रवासी अधिकार अधिवक्ताओं ने संविधान के 14वें संशोधन का हवाला दिया है, जिसके मुताबिक अमेरिका में जन्मे और उसके अधिकार क्षेत्र के अधीन रहने वाले लोग देश के नागरिक हैं.

भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने किया विरोध

इस बीच भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने भी अमेरिका में पैदा हुए किसी भी व्‍यक्ति के लिए स्‍वत: नागरिकता के नियम में परिवर्तन संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शासकीय आदेश का विरोध किया है. उनका कहना है कि ट्रंप प्रशासन के इस कदम से न सिर्फ दुनियाभर से आए अवैध प्रवासी प्रभावित होंगे, बल्कि भारत से आए छात्र और पेशेवरों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा.

ट्रंप ने शासकीय आदेश पर किए हस्ताक्षर

बता दे कि ट्रंप ने सोमवार को शपथ लेने के कुछ देर बाद ही एक ऐसे आदेश पर हस्ताक्षर किया, जिसमें घोषणा की गई थी कि भविष्य में बिना दस्तावेज वाले अप्रवासियों के, देश में पैदा होने वाले बच्चों को अब नागरिक नहीं माना जाएगा, जो देश में वैधानिक रूप से लेकिन अस्थायी रूप से रहने वाली कुछ माताओं के बच्चों पर भी लागू होगा, जैसे कि विदेशी छात्र या पर्यटक. ऐसे गैर-नागरिकों के बच्चे अमेरिका के ‘‘अधिकार क्षेत्र के अधीन’’ नहीं हैं, ऐसे में वो 14वें संशोधन की दीर्घकालिक संवैधानिक गारंटी के अंतर्गत नहीं आते हैं.

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