Blue Hole: दक्षिण चीन सागर में वैज्ञानिकों को एक रहस्यमयी ‘ब्लू होल’ मिला है, जिसका आकार इतना बड़ा है कि उसमें 4 बास्केटबॉल कोर्ट आसानी से समा जाएं. जब इसके पानी की टेस्टिंग हुई, तो समुद्र के नीचे बसी 2700 जीवों की एक बिल्कुल नई दुनिया का पता चला. चीन की रिसर्च में ऐसा दुर्लभ ‘ब्लू होल’ पहली बार पाया गया है.
मूंगे की चट्टानों से बना ‘ब्लू होल’
दरअसल, चीन के पर्यावरण मंत्रालय ने बताया कि यह ब्लू होल करीब 3200 साल पुराना है. दुनिया के ज्यादातर ब्लू होल Ice Age में बनी सूखी गुफओं के पानी में डूबने से बने थे. लेकिन यह होल सबसे अलग है. इसका निर्माण मूंगे की चट्टानों के नैचुरल तरीके से बढ़ने और जमाव होने से हुआ है.
विवादित इलाके में हुई खोज
साउथ की एक रिर्पोट के मुताबिक, यह नई खोज ‘स्कारबोरो शोल’ इलाके में हुई है. यह जगह फिलीपींस के समुद्री तट से 230 KM और चीन से 874 KM दूर है, जिसे लेकर दोनों देशों में वर्षो पुराना विवाद है. चीन इसे अपना बताते हुए हुआंगयान द्वीप कहता है. जबकि फिलीपींस अपना दावा ठोकते हुए इसे पानाटाग शोल कहता है.
‘स्कारबोरो शोल’ इलाके पर चीन का कब्जा
हालांकि साल 2012 के विवाद के बाद से इस इलाके पर चीन ने कब्जा किया हुआ है. इसी का फायदा उठाकर सितंबर 2023 में चीन ने इसे नेचर रिजर्व भी घोषित कर दिया था. जानकारों का मानना है कि साइंटिफिक रिसर्च और पुलिस गश्त के बहाने चीन यहां फिलीपिंस के मछुआरों को रोक रहा है और विवादित इलाके पर अपनी पकड़ पक्की कर रहा है.
दुनिया का सबसे गहरा ‘ब्लू होल’
वही, अब ब्लू होल की बात चली है तो सभी के मन में यह सवाल उठ रहा है कि दुनिया का सबसे बड़ा ब्लू होल कौन सा है और कहां है? तो आपको बता दें कि साल 2016 में चीन को इसी दक्षिण चीन सागर में 987 फीट गहरा ‘ड्रैगन होल’ मिला था. हालांकि, साल 2024 की नई मापों के बाद मेक्सिको के पास मिला ‘ताम जा’ ब्लू होल अब दुनिया का सबसे गहरा (1370 फीट) समुद्री गड्ढा बन गया है.