New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आधिकारिक तौर पर ब्रिक्स समिट 2026 की शुरुआत की. PM मोदी ने ब्रिक्स समिट 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में आप सभी का स्वागत और अभिनंदन करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है. भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता, पीपल सेंट्रिक और ह्यूमैनिटी फर्स्ट अप्रोच पर आधारित है. लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता हमारी प्राथमिकताएं रही हैं.
सामान्य जन से जोड़ने पर विशेष बल
इन प्राथमिकताओं के साथ हमने ब्रिक्स सहयोग को सामान्य जन से जोड़ने पर विशेष बल दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स किसी के खिलाफ नहीं है और संगठन आपसी सहमति तथा सहयोग से आगे बढ़ता है. इसी सोच के साथ 350 से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया. लगभग 30 शहरों में आपकी टीमों का स्वागत करने का हमें अवसर मिला. भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को सफल बनाने में सक्रिय योगदान और समर्थन के लिए मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं.
समर्थन के लिए सभी का हार्दिक आभार
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को सफल बनाने में आपके सक्रिय योगदान और समर्थन के लिए मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं. इस वर्ष का ब्रिक्स शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है. हम ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. मानव जीवन में, 20 वर्ष की आयु परिपक्वता और जिम्मेदारी के एक नए चरण की शुरुआत का प्रतीक है. प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और अन्य वैश्विक संस्थानों में सुधार अब टाला नहीं जा सकता है.
पुतिन सहित कई वैश्विक नेता शामिल
उन्होंने ग्लोबल साउथ को फैसलों में पीछे रखने की व्यवस्था की आलोचना करते हुए इसे साझेदारी के मंच में बदलने का आह्वान किया. यह दो दिवसीय शिखर सम्मेलन 12 से 13 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है, जिसमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित कई वैश्विक नेता शामिल हुए हैं.
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