BRICS समिट में PM मोदी के साथ दिखने वाला कौन है ये अधिकारी? UPSC में 15वीं रैंक के बावजूद चुना था IFS

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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BRICS समिट में शामिल होने के लिए दुनिया भर के नेताओं का जमावड़ा दिल्ली में लगा हुआ है. इस दौरान पीएम मोदी के साथ विदेशी नेताओं तक उनकी बात पहुंचाने वाले अफसर सिद्धार्थ बाबू को भी देखा जा सकता है. बता दें कि केरल के कोच्चि से जुड़े सिद्धार्थ बाबू की शुरुआती पढ़ाई डिप्लोमेसी से जुड़ी नहीं है. उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में ई-कॉमर्स सेक्टर में काम किया है.

दरअसल, सिद्धार्थ बाबू का सिविल सर्विसेज पहला प्लान नहीं था. हालांकि, धीरे-धीरे उनकी दिलचस्पी बदल गई क्योंकि उन्हें यह जानने की इच्छा हुई कि देश कैसे एक-दूसरे से बातचीत करते हैं, और कैसे मिलकर समस्याओं को हल करते हैं. इसी जिज्ञासा ने इंटरनेशनल डिप्लोमेसी में उनके भविष्य के करियर का पहला बीज बोया. इसके बाद उन्होंने ग्लोबल पॉलिटिक्स और दुनिया के मंच पर भारत की भूमिका के बारे में और पढ़ना शुरू किया. फिर वक्त के साथ, यह दिलचस्पी उनकी कॉर्पोरेट नौकरी से भी ज्यादा मज़बूत होती चली गई.

पढ़ाई करने से नहीं क्लियर होगा सक्सेस

सिद्धार्थ बाबू ने अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए UPSC परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया, उन्हें पूरी तरह पता था कि इस सफर में सब्र और अनुशासन की जरूरत होगी. लेकिन उनकी कड़ी मेहनत ने उन्हें सफलता का स्वाद भी चखने का मौका दिया. इस दौरान UPSC सिविल सर्विसेज एग्जाम में पहले अटेम्ट में सिद्धार्थ बाबू पास नहीं कर पाए. हार मानने के बजाय, उन्होंने इस फेलियर को सीखने का एक फेज माना.

उन्हें एहसास हुआ कि UPSC में सक्सेस पढ़ाई करने से नहीं क्लियर होगा. यह पैटर्न समझने, टाइम मैनेज करने और फोकस्ड रहने के बारे में है. इस समझ ने उन्हें अपने अप्रोच पर फिर से सोचने और अपने दूसरे अटेम्प्ट के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद की.

15वीं रैंक के बावजूद IFS चुना

ऐसे में दूसरे अटेम्प्ट में उन्होने इंटरनेशनल रिलेशंस को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना. UPSC 2016 के एग्जाम में, उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 15 हासिल की. ​​इतनी अच्छी रैंक के बावजूद, उन्होंने इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) चुनने के बजाय, उन्होंने इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) चुना और ग्लोबल अफेयर्स के लिए अपने पैशन पर कायम रहे.

इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) में शामिल होने के बाद, सिद्धार्थ बाबू ने एडवांस्ड ट्रेनिंग ली. समय के साथ, वह कई भाषाओं में माहिर हो गए. उनकी भाषा की स्किल और शांत स्वभाव ने की वजह से उन्हें सेंसिटिव डिप्लोमैटिक रोल के चुना गया. इन्हीं काबिलियत की वजह से उन्हें अक्सर हाई-लेवल मीटिंग और इंटरनेशनल इवेंट के दौरान पीएम मोदी के साथ देखा जाता है. फिलहाल, सिद्धार्थ बाबू विदेश मंत्रालय (MEA) में डिप्टी सेक्रेटरी (यूरोप और अमेरिका) के तौर पर काम कर रहे हैं.

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