गहरे आर्थिक संकटों का सामना कर रहा कनाडा, 25% माता-पिता बच्चों को खाना खिलाने के लिए अपने भोजन में कर रहे कटौती

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Canada Affordability Crisis: जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व में कनाडा का भारत के साथ खराब होते संबंधों के साथ वहां की आर्थिक स्थिति भी डगमगा रही है, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां 25 फीसदी माता-पिता अपने बच्चों को पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए अपने खाने में कटौती कर रहे हैं.

बेरोजगारी, मुद्रास्फीति और आर्थिक संकट से परेशान कनाड़ा को लेकर साल्वेशन आर्मी की एक रिपोर्ट में कई चौकाने वाले खुलासे किए गए है. रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वेक्षण में शामिल 90 प्रतिशत से ज्‍यादा लोगों का कहना है कि उन्होंने अन्य वित्तीय प्राथमिकताओं के लिए पैसे बचाने के लिए किराने के सामान पर खर्च कम कर दिया है.

अपनी जरूरतों से समझौता कर रहे माता-पिता

साल्वेशन आर्मी की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की तरफ से आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी में छूट देने की संभावना है, क्‍योंकि कनाडा सामर्थ्य संकट से जुझ रहा है, जिसके कारण माता-पिता अपने वित्तीय दायित्वों का ध्यान रखने के लिए अपने भोजन या आवश्यक जरूरतों से समझौता कर रहे हैं. वहीं, कई लोग कम पौष्टिक भोजन खरीद रहे हैं क्योंकि यह सस्ता है.

फूड बैंकों में खाद्य पदार्थों की कमी

कनाड़ा में ये सारी समस्‍याएं ऐसी समय में उत्‍पन्‍न हो रहा है, जब हाल ही में कनाड़ा में आम चुनाव होना है. कनाडा में गहरे आर्थिक संकट के कारण यहां के 90% परिवारों ने किराने के खर्च में कटौती की है. ज्‍यादातर लोगों को अपने, अपने बच्‍चों के, अपने परिवार के सदस्‍यों के और अपनी दैनिक बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है. ऐसे में ही कनाडा में फूड बैंकों को भी खाद्य पदार्थों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण उनमें से कुछ ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों को वापस भेजने का फैसला किया है.

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