Toronto: अमेरिकी प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने कनाडा के एक अलगाववादी संगठन के साथ गुप्त बैठकें की हैं. इस संगठन का मकसद कनाडा के तेल-समृद्ध प्रांत अल्बर्टा को अलग देश बनाना है. इस पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कड़ा रुख अपनाया है. कार्नी ने कहा है कि उन्हें अमेरिका से कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करने की उम्मीद है. अमेरिका की ओर से इस तरह की मीटिंग दिखाती है कि वह तेल के लिए कुछ भी कर सकता है.
ट्रंप से हमेशा स्पष्ट बात करते हैं कार्नी
मार्क कार्नी ने यह बयान अल्बर्टा की प्रीमियर डैनिएल स्मिथ के साथ मीडिया से बातचीत के दौरान दिया. उन्होंने साफ कहा कि वह इस मुद्दे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हमेशा स्पष्ट बात करते हैं और आगे भी करेंगे. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अल्बर्टा प्रोसपेरिटी प्रोजेक्ट (APP) नाम का एक संगठन अल्बर्टा को कनाडा से अलग देश बनाने के लिए जनमत संग्रह की तैयारी कर रहा है. ये संगठन पेटीशन पर हस्ताक्षर करवा रहा है.
कम से कम तीन बार मुलाकात
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस संगठन के नेताओं ने अप्रैल 2025 के बाद से वॉशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से कम से कम तीन बार मुलाकात की है. इतना ही नहीं यह समूह अगले महीने एक और बैठक की कोशिश में है, जिसमें वह 500 अरब डॉलर की क्रेडिट सुविधा का प्रस्ताव रखने वाला है. दावा है कि अगर अल्बर्टा की आजादी को लेकर जनमत संग्रह पास होता है तो यह पैसा नए देश को खड़ा करने में मदद करेगा.
मामले को हल्का बताने की कोशिश
इस खुलासे के बाद अमेरिका के विदेश मंत्रालय और व्हाइट हाउस दोनों ने मामले को हल्का बताने की कोशिश की. विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका नियमित रूप से सिविल सोसाइटी समूहों से मिलता है और इन बैठकों में किसी तरह का कोई वादा नहीं किया गया. हालांकि विवाद तब और बढ़ गया जब अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने अल्बर्टा की अलगाव की मांग को लेकर नरम रुख दिखाया. उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि अल्बर्टा अमेरिका का स्वाभाविक साझेदार हो सकता है और वहां के लोग बेहद स्वतंत्र सोच रखते हैं.
इसे भी पढ़ें. 40 दिन के अंदर गौ माता को राज्य माता घोषित करें वरना…, योगी सरकार को शंकराचार्य ने दिया अल्टीमेटम

