London: ब्रिटेन में रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार भारतीय मर्चेंट नेवी कैप्टन अजय पंत को फिलहाल राहत नहीं मिली है. लंदन की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी. सुनवाई के दौरान अदालत के बाहर भारतीय समुदाय के कई लोग उनके समर्थन में पहुंचे और नैतिक एकजुटता का प्रदर्शन किया.
सुनवाई से पहले सोशल मीडिया पर एक सामुदायिक अपील तेजी से वायरल हुई थी. इसमें लोगों से 16 जुलाई 2026 को दोपहर 1:30 बजे लंदन में होने वाली सुनवाई के दौरान अदालत पहुंचने का अनुरोध किया गया था. अपील में कहा गया था कि सभी लोग अदालत के नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण, सम्मानजनक और अनुशासित तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं, ताकि कठिन समय में अजय पंत के प्रति नैतिक समर्थन और एकजुटता का संदेश दिया जा सके.
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान इस अपील का असर भी देखने को मिला. भारतीय समुदाय के कई सदस्य अदालत पहुंचे और अजय पंत के समर्थन में मौजूद रहे. हालांकि, अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार नहीं की और मामले की आगे की सुनवाई तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रखने का आदेश दिया.
क्या है पूरा मामला?
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर स्थित चिलकिया गांव के रहने वाले 38 वर्षीय अजय पंत पिछले महीने से ब्रिटिश अधिकारियों की हिरासत में हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार, 14 जून को रॉयल मरीन और नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने MV Smirtos नामक ऑयल टैंकर पर कार्रवाई की थी, जब वह ब्रिटेन के समुद्री क्षेत्र में दाखिल हुआ था.
ब्रिटिश अधिकारियों का आरोप है कि जहाज पर करीब 98,000 टन रूसी कच्चा तेल लदा था. उनका कहना है कि यह खेप रूस पर ब्रिटेन और यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन करती थी. इसी मामले में अजय पंत पर Russia (Sanctions) (EU Exit) Regulations, 2019 के तहत आरोप लगाए गए हैं. अभियोजन पक्ष का दावा है कि उन्हें जहाज पर मौजूद कार्गो की जानकारी थी. यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो उन्हें अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है.
जमानत क्यों नहीं मिली?
साउथवार्क क्राउन कोर्ट में वीडियो लिंक के जरिए पेश हुए अजय पंत ने जमानत की मांग की थी. अदालत ने यह कहते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी कि उनके फरार होने या बाहरी मदद से देश छोड़ने की आशंका को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता. इसी आधार पर उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया.
अब आगे क्या होगा?
अजय पंत ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को निरस्त करने के लिए भी अदालत में आवेदन दाखिल किया है. इस आवेदन पर 12 नवंबर को सुनवाई होनी है. वहीं, मामले में करीब चार सप्ताह तक चलने वाले ट्रायल की शुरुआत 15 दिसंबर से होने की संभावना है.

