ऑस्ट्रेलिया में चार्ली किर्क शूटिंग वीडियो से हटी पाबंदी, एलन मस्क ने इसे बताया अभिव्यक्ति की आजादी की जीत

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Washington: ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया कंपनी X के मालिक एलन मस्क की बड़ी जीत हुई है. अमेरिकी दक्षिणपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता चार्ली किर्क की हत्या की वीडियो क्लिप पर से ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने पाबंदी हटा लिया है. हाल ही में इस वीडियो पर ऑस्ट्रेलिया में बैन लगाया गया था. X पर इसे दुनिया भर में लोग देख रहे थे लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने इस पर तुरंत रोक लगा दी थी. इस फैसले के बाद एलन मस्क ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी की जीत बताया है.

ऑस्ट्रेलिया में एक अहम कानूनी जीत

बात अदालत तक पहुंची. अब एलन मस्क की सोशल मीडिया कंपनी X को ऑस्ट्रेलिया में एक अहम कानूनी जीत मिली. फैसला इनके पक्ष में आया. इस फैसले के बाद अब ऑस्ट्रेलियाई यूजर उस वीडियो फुटेज को देख सकेंगे, जिसमें अमेरिकी दक्षिणपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता किर्क की गोली मारकर हत्या के दृश्य रिकॉर्ड हुए थे. यह मामला सिर्फ एक वीडियो को लेकर नहीं था बल्कि इसने ऑनलाइन सेंसरशिप, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकारों की डिजिटल ताकत पर बड़ी बहस छेड़ दी है.

सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान गोली मारकर हत्या

चार्ली किर्क की सितंबर 2025 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना के तुरंत बाद शूटिंग से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गए. ऑस्ट्रेलिया की ई-सेफ्टी कमिश्नर ने इन वीडियो को अत्यधिक हिंसक बताते हुए इन्हें रिफ्यूज्ड क्लासिफिकेशन श्रेणी में डाल दिया था. इसका मतलब यह था कि ऑस्ट्रेलिया में इन वीडियो को पूरी तरह ब्लॉक किया जाना चाहिए और किसी भी प्लेटफॉर्म पर इन्हें दिखाया नहीं जा सकता.

एक वास्तविक और ऐतिहासिक घटना का दस्तावेज है वीडियो

एलन मस्क की कंपनी एक्स ने इस आदेश को चुनौती दी. कंपनी का तर्क था कि यह वीडियो सनसनी फैलाने या हिंसा का महिमामंडन करने के लिए नहीं है बल्कि एक वास्तविक और ऐतिहासिक घटना का दस्तावेज है. ठीक उसी तरह जैसे इतिहास में दर्ज कई अन्य हिंसक लेकिन महत्वपूर्ण रिकॉर्डिंग्स रही हैं. X  ने यह भी कहा कि अगर किसी एक देश के कानून के आधार पर वैश्विक प्लेटफॉर्म पर कंटेंट को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाने लगे तो इंटरनेट की खुली प्रकृति के लिए खतरनाक मिसाल बन जाएगी. X ने अपनी दलील में इस वीडियो की तुलना जॉन एफ कैनेडी की हत्या के वीडियो से की.

बोर्ड ने पहले के फैसले को पलट दिया

मामला ऑस्ट्रेलिया के क्लासिफिकेशन रिव्यू बोर्ड के पास पहुंचा, जिसने पहले के फैसले को पलट दिया. बोर्ड ने माना कि यह वीडियो अनावश्यक रूप से क्रूर या उत्तेजक नहीं है और इसे पूरी तरह प्रतिबंधित करना उचित नहीं होगा. इसके बजाए बोर्ड ने इसे आर18 श्रेणी में रखने का फैसला किया. इसका अर्थ है कि यह वीडियो अब ऑस्ट्रेलिया में वयस्कों द्वारा देखा जा सकता है. हालांकि बच्चों और नाबालिगों के लिए इस पर पाबंदी बनी रहेगी.

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