‘साथ खड़ी हैं एशिया की 2 सुपरपावर’, मिडिल ईस्‍ट में तनाव के बीच चीन का भारत से दोस्ती वाला राग,  ट्रंप को दिया मैसेज

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

China India Relations: दुनिया के सामने अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही खुद को ‘शांति का मसीहा’ दिखाने की कितनी भी कोशिश कर लें, लेकिन पर्दे के पीछे दूसरे देशों के बीच फूट डालने का उनका पुराना खेल अब सभी को समझ में आने लगा है. दरअसल, अमेरिका काफी समय से भारत और चीन के बीच कड़वाहट पैदा करने की फिराक में रहता है. हालांकि भारत ऐसी ओझी चालों पर रिएक्ट नहीं करता, लेकिन इस बार चीन ने अमेरिका को करारा जवाब दे दिया है.

बता दें कि चीन ने भारत के साथ अपनी दोस्ती का राग छेड़कर वॉशिंगटन को एक ‘सीक्रेट मैसेज’ भेज दिया है कि इन दो पड़ोसियों के बीच दूरियां पैदा करना अब नामुमकिन है.

‘भारत-चीन जोड़ीदार हैं’ : चीनी विदेश मंत्री

दरअसल, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत के सामने ‘दोस्ती का हाथ’ बढ़ाते हुए जो कुछ कहा है, उसके मायने बहुत ही गहरे माने जा रहे हैं, क्‍योंकि जब दुनिया दो गुटों में बंट रही है, तब चीन भारत को ‘दुश्मन’ नहीं बल्कि ‘जोड़ीदार’ बता रहा है.

8 मार्च को पेइचिंग में हुई एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भारत-चीन संबंधों पर खुलकर बात की. इस दौरान उन्‍होंने स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा कि दोनों देशों को अपने नेताओं को यानी पीएम मोदी और राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के बनाए रास्‍ते पर आगे बढना चाहिए.

कोई भी ताकत नहीं दे सकती चुनौती  

वांग यी ने इस दौरान जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि चीन और भारत एक दूसरे की ओर कदम बढ़ाए, और बाहरी हस्‍तक्षेप को पूरी तरह से खत्‍म करें. इस दौरान उनका इशारा था कि एशिया के दो दिग्गज अगर साथ आ जाएं, तो दुनिया की कोई भी ताकत उन्हें चुनौती नहीं दे सकती.

नई ऊचाईयों को छू रहा दोनों देशों के बीच का व्‍यापार

चीन का मानना है कि पिछले साल रूस के कजान और फिर थ्येनचिन में पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकातों ने जमी हुई बर्फ को पिघला दिया है. वांग यी के मुताबिक, इन मुलाकातों के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार ने नई ऊंचाइयों को छुआ है और आपसी संपर्क भी बढ़े हैं. चीन अब BRICS के मंच का इस्तेमाल करके भारत के साथ एक ‘स्वर्णिम युग’ की शुरुआत करना चाहता है.

अमेरिका की दादागीरी होगी खत्म

चीन का यह ‘दोस्ती वाला राग’ ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ईरान और चीन दोनों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है. इसका सीधा मतलब यह है कि चीन चाहता है कि भारत और चीन मिलकर एशियाई ताकतों को रास्ता दिखाएं करें, ताकि पश्चिमी देशों खासकर अमेरिका की दादागीरी खत्म की जा सके. वांग यी ने कहा कि चीन और भारत को बॉर्डर से सटे इलाकों में शांति और स्थिरता की रक्षा करनी चाहिए.

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