चीन की सर्वोच्च सैन्य कमान में बड़ा फेरबदल, गलवान में भारत से भिड़ने वाले 2 चीनी कमांडर बाहर

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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China Military: चीन की सर्वोच्च सैन्य कमान में बड़ा फेरबदल हुआ है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) से दो वरिष्ठ अधिकारियों झांग यूशिया और लियू झेनली को हटा दिया गया है. चीनी मीडिया के मुताबिक, दोनों के खिलाफ अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के संदेह में जांच हुई थी. इन दोनों को हटाए जाने के बाद 7 सदस्यों वाली CMC में अब केवल दो सक्रिय सदस्य रह गए हैं, जिनमें खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल हैं. बता दें कि यह कार्रवाई चीन की सेना में लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है.

इसके अलावा चीन की टॉप राजनीतिक सलाहकार संस्था ने झाओ जोंगकी की सदस्यता खत्म कर दी. झाओ जोंगकी वेस्टर्न थिएटर कमांड के पूर्व कमांडर रहे हैं और साल 2020 के भारत-चीन सीमा टकराव के दौरान इसी कमांड की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.

शी के बाद नंबर-2 पर भी गिरी गाज

बता दें कि चीन की सैन्य व्यवस्था में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बाद झांग यूशिया का कद बेहद बड़ा माना जाता था. वह CMC के वाइस चेयरमैन और चीन के शीर्ष राजनीतिक निकाय पोलित ब्यूरो के सदस्य थे. वहीं, लियू झेनली CMC के सदस्य होने के साथ उसके ज्वाइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के प्रमुख थे. दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब चीन की सेना में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता को लेकर लगातार जांच चल रही है.

7 में से सिर्फ 2 सक्रिय सदस्य बचे

दोनो अधिकारियों को हटाने के बाद चीन की सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में अब सिर्फ दो सक्रिय सदस्य रह गए हैं, जिनमें राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल हैं. बता दें कि चीन में CMC की पार्टी और देश, दोनों स्तरों पर समानांतर संरचनाएं हैं, लेकिन दोनों एक ही सैन्य संस्था की तरह काम करती हैं. ऐसे में शुक्रवार को हुई कार्रवाई ने देश वाली CMC में झांग और लियू के पदों को लेकर फैसला किया है. अभी तक उन्हें चीन की कम्युनिस्ट पार्टी वाली CMC से औपचारिक तौर पर हटाए जाने की सार्वजनिक घोषणा नहीं हुई है.

2012 से चल रही है शी की ‘सफाई’

चीनी सेना में यह कार्रवाई कोई एक दिन में शुरू हुई मुहिम का हिस्सा नहीं है. शी जिनपिंग ने साल 2012 में ही सत्ता संभालने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया था, जिसके निशाने पर सेना भी रही. इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारियों और शीर्ष सैन्य जनरलों के खिलाफ जांच हुई, कई को उनके पद से हटाया गया और कार्रवाई की गई. इसके अलावा पिछले महीने ही शी जिनपिंग ने कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को और गहरा करने का आह्वान किया था.
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