वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद चीन की बढ़ी चिंता! क्या तेल और टेक्नोलॉजी का कनेक्शन?

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China On Venezuela : अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक स्तर पर हलचल मची हुई है. जानकारी के मुताबिक, अमेरिका के इस हमले से चीन की भी चिंता बढ़ गई है. कारण यह है कि वेनेजुएला में चीन का राजनीतिक, तकनीकी और आर्थिक निवेश बेहद गहरा है. ऐसे में मादुरो के सत्ता से हटते ही आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका को उन संवेदनशील चीनी ठिकानों तक पहुंच मिल सकती है, जिन्हें बीजिंग वर्षों से सहेजता आया है.

इस मामले को लेकर अमेरिका की ओर से मादुरो को उनकी पत्नी समेत गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क की अदालत में पेश किया जाना सिर्फ वेनेजुएला की राजनीति तक सीमित नहीं है. इसे सीधे तौर पर अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता से जुड़ता है. ऐसे में चीन को इस बात का डर सता रहा है कि अगर वेनेजुएला में अमेरिका समर्थक सरकार बनती है तो वहां मौजूद चीनी सैन्य-संबंधित तकनीक, सैटेलाइट स्टेशन और डिजिटल नेटवर्क अमेरिका के नियंत्रण या निगरानी में आ सकते हैं. प्राप्‍त जानकारी के अनुसार यह स्थिति बीजिंग के लिए इसलिए भी गंभीर है क्योंकि लैटिन अमेरिका में वेनेजुएला चीन का सबसे भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार रहा है.

सैटेलाइट ट्रैकिंग पर खतरा

बता दें कि चीन ने वेनेजुएला में कुछ बेहद संवेदनशील सैटेलाइट ट्रैकिंग और ग्राउंड स्टेशन स्थापित किए हैं, जो कि वर्तमान में खतरे की जद में हैं. इसमें एल सोम्ब्रेरो और ल्यूपा ट्रैकिंग स्टेशन शामिल है. इसके साथ ही कैप्टन मैनुअल रियोस एयरबेस पर स्थित एल सोम्ब्रेरो ट्रैकिंग स्टेशन शामिल है. प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक, VRSS-2 एक Citizen Earth Paragraph सैटेलाइट है, लेकिन इसके डेटा का उपयोग सुरक्षा और रणनीतिक विश्लेषण में भी हो सकता है. इन्हें चाइना ग्रेट वॉल इंडस्ट्री कॉपोरेशन ने बनाया है. माना जा रहा है कि इन स्टेशनों तक अमेरिका की पहुंच उसकी सैटेलाइट क्षमताओं और निगरानी नेटवर्क को नुकसान पहुंच सकता है.

लड़ाकू विमानों को भी ट्रैक करने में सक्षम

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार वेनेजुएला में चीन ने एडवांस रडार सिस्टम और एयर डिफेंस टेक्नोलॉजी स्थापित की है, जो कि कथित तौर पर पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को भी ट्रैक करने में सक्षम है. ऐसे में अगर ये सिस्टम अमेरिका को मिल जाएं तो चीन की सैन्य तकनीकी बढ़त को गंभीर झटका लग सकता है.

चीन ने वेनेनजुएला में बनाया टेलीकम्युनिकेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर

इसके साथ ही चीन ने वेनेजुएला में डिजिटल और टेलीकम्युनिकेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया है. 4G नेटवर्क के लिए Huawei और ZTE ने काफी काम किया है. इतना ही नही बल्कि उन्‍होंने मोबाइल फोन असेंबली, साइबर सिक्योरिटी सिस्टम पर खासा जोर दिया है. Huawei 1999 से वेनेजुएला में सक्रिय है. इस दौरान चीन का मानना है कि अमेरिकी दबाव में Huawei और ZTE पर प्रतिबंध लग सकते हैं. नेटवर्क डेटा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर अमेरिकी निगरानी बढ़ सकती है.

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