US Strikes Venezuela: अमेरिकी हमलों में वेनेजुएला में कुल 55 सैनिकों की मौत हुई है. इसमें 23 वेनेजुएला, 32 क्यूबा के सैन्य और सुरक्षा बलों के जवान शामिल हैं. वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए किए गए अमेरिकी विशेष सैन्य ऑपरेशन में ये सैनिक मारे गए. काराकस और हवाना ने मंगलवार आंकड़ें जारी कर इसकी पुष्टि की है. यह संकेत भी मिला कि देश में दमनकारी सुरक्षा तंत्र अब भी सक्रिय है.
अब तक आम नागरिकों के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं
वेनेजुएला की सेना ने पहली बार स्वीकार किया कि शनिवार को अमेरिका द्वारा किए गए हमलों में उसके 23 सैनिक मारे गए. यह हमला मादुरो को सत्ता से हटाने और गिरफ्तार करने के लिए किया गया था. हालांकि अब तक वेनेजुएला सरकार ने आम नागरिकों के हताहत होने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है. क्यूबा पहले ही यह बता चुका था कि उसके 32 सैनिक और आंतरिक मंत्रालय के सुरक्षा कर्मी इस ऑपरेशन में मारे गए.
हमले में मादुरो की सुरक्षा व्यवस्था तबाह
ये सभी जवान काराकस में तैनात थे. मृतकों की उम्र 26 से 67 साल के बीच थी, जिनमें 2 कर्नल और 1 लेफ्टिनेंट कर्नल शामिल थे. वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पाद्रिनो लोपेज के मुताबिक मारे गए क्यूबाई जवानों में से कई मादुरो की निजी सुरक्षा टीम का हिस्सा थे. इस हमले में मादुरो की सुरक्षा व्यवस्था लगभग पूरी तरह तबाह हो गई. यह सैन्य कार्रवाई कई चरणों में हुई.
अमेरिका ने सैन्य ठिकानों पर की बमबारी
सबसे पहले अमेरिका ने सैन्य ठिकानों पर बमबारी की. इसके बाद अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज हेलिकॉप्टरों से काराकस पहुंचीं. एक परिसर से निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार किया गया. दोनों को बाद में न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां सोमवार को उन्होंने अदालत में पेश होकर ड्रग तस्करी और अन्य आरोपों से खुद को निर्दोष बताया.
14 पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को हिरासत में लिया
सोमवार को संसद में राष्ट्रपति शपथ समारोह की कवरेज कर रहे 14 पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को हिरासत में लिया गया. इनमें ज्यादातर विदेशी मीडिया से जुड़े थे. इसके अलावा कोलंबिया सीमा के पास दो और विदेशी पत्रकारों को भी हिरासत में लिया गया. हालांकि बाद में सभी को रिहा कर दिया गया.
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