ट्रंप का दावा: 18 ट्रिलियन डॉलर के निवेश से अगले साल आएंगे ज्यादा रोजगार, कम होगी महंगाई

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था में अब तक का सबसे बड़ा सुधार हुआ है. उनके अनुसार, अमेरिका में अभी तक लगभग 18 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के निवेश की नई घोषणाएं हुई हैं. उन्होंने दावा किया कि महंगाई में कमी आ रही है और टैक्स को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं. यह सब अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के पेशेवरों, कारोबारियों और टेक्नॉलॉजी क्षेत्र के लोगों के लिये खास महत्व रखता है.

ये साल कई रिकॉर्ड तोड़ रहा (Donald Trump)

एक लम्बी कैबिनेट बैठक में ट्रंप ने पिछली सरकार की आर्थिक स्थिति की तुलना अपने कामकाज से की और कहा कि यह साल कई रिकॉर्ड तोड़ रहा है. उन्होंने कहा कि सिर्फ 10 महीने में 18 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के निवेश कमिटमेंट हासिल किए हैं, जो इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि देश में कंपनियों और निवेशकों का पैसा तेज़ी से आ रहा है, जिससे कंपनियों का पूंजी खर्च लगभग 15 प्रतिशत बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि सरकार के बड़े टैक्स सुधार के कारण कंपनियों को 100 प्रतिशत खर्च घटाने की सुविधा मिली है और टिप, ओवरटाइम और सोशल सिक्योरिटी पर टैक्स हटा दिया गया है. इन सुधारों को ट्रंप ने “वन बिग, ब्यूटिफुल बिल” का नाम दिया है. बेसेंट के अनुसार, इससे आम अमेरिकियों की जेब में ज्यादा पैसा जाएगा और महंगाई से राहत मिलेगी.

2026 में लोगों को काफी बड़े टैक्स रिफंड मिल सकते हैं

बेसेंट ने यह भी कहा कि साल 2026 में लोगों को काफी बड़े टैक्स रिफंड मिल सकते हैं और आने वाला आर्थिक साल बहुत अच्छा रहेगा. उनके मुताबिक, इस सुधार के तीन बड़े कारण हैं- इमिग्रेशन, इंटरेस्ट रेट और इन्फ्लेशन. उन्होंने कहा कि ब्याज दरें घट रही हैं और महंगाई, खासकर ऊर्जा की कीमत, अगले साल और कम होंगी. उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा कि अमेरिकी परिवार पिछले कुछ सालों के नुकसान से उभर रहे हैं. उनके अनुसार, बाइडेन सरकार के समय एक औसत अमेरिकी परिवार की आय 3000 डॉलर तक घटी, जबकि ट्रंप सरकार के सिर्फ 10 महीनों में उनकी आय 1000 डॉलर बढ़ी है. उन्होंने दावा किया कि महंगाई और खर्च बढ़ने की हर समस्या की जड़ बाइडेन सरकार की नीतियां थीं और आने वाला साल अमेरिका के लिये सबसे अच्छा हो सकता है.

बड़े निवेश पर कड़ी नजर रखे हुए हैं

भारतीय–अमरीकी कारोबारी, इंजीनियर, आईटी विशेषज्ञ, छोटे मैन्युफैक्चरर और डॉक्टर अमेरिका के उच्च–कौशल क्षेत्रों में बड़ी संख्या में हैं. वे इन टैक्स सुधारों, नियमों में ढील और बड़े निवेश पर कड़ी नजर रखे हुए हैं. कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक ने उन बदलावों के बारे में बताया जो ऑटो, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और फार्मास्यूटिकल्स सहित उन इंडस्ट्रीज़ पर सीधे असर डाल सकते हैं जिनमें इंडियन अमेरिकन की अहम हिस्सेदारी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने वैश्विक व्यापार का नक्शा बदल दिया है और सेमीकंडक्टर उद्योग में 300 बिलियन डॉलर का निवेश घोषित हो चुका है, जो अगले 60 दिनों में 750 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. दवा उद्योग में भी 250 बिलियन डॉलर का निवेश अमेरिका में आ रहा है.

छोटे व्यवसायों का विश्वास सबसे ऊंचे स्तर पर

उन्होंने कहा कि जापान और कोरिया ने भी अमेरिका में निर्माण के लिए 750 बिलियन डॉलर देने का प्रस्ताव दिया है. अमेरिकी स्टील और इंटेल जैसी कंपनियों पर हुए समझौते घरेलू उद्योग को और मजबूती देंगे. ट्रंप ने कहा कि सिर्फ इंटेल के साथ हुए समझौते से ही 40 बिलियन डॉलर मिल चुके हैं, पर इनके बारे में कोई बताना नहीं चाहता. स्मॉल बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन की चीफ़ केली लोफ़लर ने कहा कि छोटे व्यवसायों का विश्वास अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है. जबकि लेबर सेक्रेटरी लोरी शावेज-डेरेमर ने बताया कि देश को 7 लाख नए कुशल कर्मचारियों की जरूरत है, जिनमें इलेक्ट्रिशियन, मशीनिस्ट और एआई तकनीक समझने वाले विशेषज्ञों की अधिक मांग है.

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