Washington: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व प्रेसिडेंट बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा को जंगल में चिम्पैंजी के रूप में दिखाया तो पूरे देश में बवाल मच गया. वीडियो का रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों ने तीखी आलोचना की. इसके बाद सोशल मीडिया से हटा दिया गया है.
पोस्ट के लिए नहीं मांगेंगे माफी
व्हाइट हाउस ने एक कर्मचारी की गलती बताते हुए अपने आप को इस पोस्ट से किनारा कर लिया. ओबामा पहले भी ऐसे अपमानजनक चित्रण का शिकार रह चुके हैं. ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह इस पोस्ट के लिए माफी नहीं मांगेंगे. उन्होंने कहा कि मैंने कोई गलती नहीं की. यह पोस्ट गुरूवार रात ट्रंप के ट्रुथ सोशल अकाउंट पर साझा किया गया था.
व्हाइट हाउस के एक कर्मचारी की गलती
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने बाद में इसे एक कर्मचारी की गलती बताया. प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पहले इसे बेकार की नाराजगी करार दिया था. लेकिन भारी दबाव के बाद पोस्ट हटा दिया गया. वीडियो में 2020 के चुनाव में वोटिंग मशीनों से छेड़छाड़ के झूठे दावों के बीच दो चिम्पैंजी के चेहरों पर ओबामा दंपति की तस्वीर नजर आ रही थी.
ट्रंप को दिखाया गया जंगल का राजा
62 सेकंड की यह वीडियो क्लिप पहले भी एक कट्टरपंथी मीम निर्माता द्वारा साझा की जा चुकी थी. इसमें ट्रंप को जंगल का राजा दिखाया गया और जो बाइडन सहित कई डेमोक्रेटिक नेताओं को जानवरों के रूप में चित्रित किया गया है. कांग्रेसनल ब्लैक कॉकस की प्रमुख यवेट क्लार्क ने इसे व्हाइट हाउस में विषाक्त और नस्लवादी माहौल का प्रमाण बताया.
एप्स्टीन मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं ट्रंप
अमेरिका के सबसे पुराने और प्रमुख नागरिक अधिकार संगठन एनएएसीपी के अध्यक्ष डेरिक जॉनसन ने इसे घृणित बताते हुए कहा कि ट्रंप आर्थिक मुद्दों और जेफ्री एप्स्टीन मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. रिपब्लिकन सीनेटर टिम स्कॉट और रोजर विकर सहित कई नेताओं ने पोस्ट को अस्वीकार्य बताया और माफी की मांग की. अमेरिका में अश्वेत लोगों को जानवरों से जोड़ने का नस्लवादी इतिहास रहा है, जिसका इस्तेमाल गुलामी और भेदभाव को उचित ठहराने के लिए किया जाता था.
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