Donald Trump: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि संभावित राजनयिक समझौते की उम्मीदों के कारण तेल की कीमतों में लगभग 10 डॉलर प्रति बैरल की रिकॉर्ड गिरावट आई है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि ईरान समझौता करने के लिए पहले से कहीं ज्यादा इच्छुक है और उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. जबकि ईरान ने साफ-साफ कहा है कि वह कूटनीति के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी सैन्य कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाएगा.
तेल कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट का दावा
मीडिया के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेल की कीमतें ‘बहुत तेजी से गिर रही हैं’ और लगभग 10 डॉलर प्रति बैरल तक नीचे आ गई हैं. उनके मुताबिक, बाजार को भरोसा है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की संभावना कम हो गई है. दरअसल, ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि लोग मान रहे हैं कि ईरान के साथ टकराव नहीं होगा और इसी वजह से तेल बाजार में गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि ईरान जल्द से जल्द समझौता करना चाहता है और यह संभव भी हो सकता है.
ईरान की आर्थिक स्थिति पर ट्रंप का हमला
ट्रंप ने अपने बयान में दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है. ईरान के पास पैसे और ईंधन की कमी है तथा वहां महंगाई 300 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुकी है. ऐसे में वो समझौता करना चाहते हैं.’ उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने हाल में संकेत दिया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा.
परमाणु कार्यक्रम पर दो टूक रुख
इतना ही नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोहराया कि वॉशिंगटन किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा. ट्रंप ने कहा कि ‘हम ईरान को कभी परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं देंगे. वे यह समझ चुके हैं और हाल में उन्होंने भी कहा है कि हमारे पास परमाणु हथियार नहीं होंगे.’
बातचीत जारी, लेकिन जल्दबाजी नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में कहा कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने के फैसले में जल्दबाजी नहीं करना चाहते. उनकी सरकार ईरान के साथ लगातार बातचीत कर रही है और वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है. हालांकि समझौते तक पहुंचने में कुछ समय लग सकता है. ट्रंप के मुताबिक, ‘एक या दूसरे तरीके से हम कुछ करेंगे, लेकिन कोई जल्दबाजी नहीं है.’
कतर कर रहा है मध्यस्थता
रिपोर्टों के अनुसार, कतर के मध्यस्थों ने अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत फिर से शुरू कराने के लिए एक प्रारूप समझौता तैयार किया है. इस मसौदे में तीन दिन की विश्वास बहाली संबंधी प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनके बाद दोनों देशों के बीच औपचारिक वार्ता आगे बढ़ सकती है. कतर के मध्यस्थ अली अल-थावादी इस सिलसिले में तेहरान भी पहुंचे हैं.