Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को मिले नोबेल पर सवाल उठाया. कहा कि इतिहास में उनसे ज्यादा हकदार कोई नहीं है. नोबेल शांति पुरस्कार पर ट्रंप ने ओबामा को निशाने पर लेते हुए कहा कि ओबामा को राष्ट्रपति बनते ही नोबेल दे दिया गया जबकि उन्होंने कुछ किया ही नहीं. उन्हें खुद नहीं पता कि उन्हें यह पुरस्कार क्यों मिला.
भारत-पाक मुद्दे को लेकर अमेरिकी राजनीति में बयानबाज़ी तेज़
ट्रंप के इन बयानों के बाद एक बार फिर साफ हो गया है कि नोबेल पुरस्कार और भारत-पाक मुद्दे को लेकर अमेरिकी राजनीति में बयानबाज़ी तेज़ होती जा रही है जबकि भारत अपने रुख पर अडिग है. ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बड़ा संघर्ष रुकवाया जबकि भारत ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया. तेल और गैस कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि पिछले साल मई में भारत-पाक तनाव के दौरान स्थिति बेहद गंभीर थी और आठ विमान आसमान में मार गिराए गए थे.
मैंने आठ बड़ी जंगें रुकवाई
हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये विमान किस देश के थे. ट्रंप ने कहा कि लोग मुझे पसंद करें या न करें लेकिन मैंने आठ बड़ी जंगें रुकवाई हैं. कुछ दशकों से चल रही थीं और कुछ शुरू होने वाली थीं, जैसे भारत और पाकिस्तान के बीच. उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने व्हाइट हाउस में मुलाकात के दौरान उन्हें संघर्ष रुकवाने का श्रेय दिया और कहा कि इससे लाखों लोगों की जान बची. हालांकि भारत ने एक बार फिर ट्रंप के दावों की क्लास लगा दी.
भारत-पाक संघर्ष विराम पूरी तरह द्विपक्षीय बातचीत का नतीजा
भारत का स्पष्ट रुख है कि भारत-पाक संघर्ष विराम पूरी तरह द्विपक्षीय बातचीत का नतीजा था और इसमें किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं रही. भारत का कहना है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उसने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया. इसके बाद चार दिन तक दोनों ओर से हमले हुए और 10 मई को आपसी सहमति से संघर्ष विराम हुआ.
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