Donald Trump Hellhole Row: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादित बयान ‘भारत नरक है’ ने न सिर्फ भारत बल्कि दुनियाभर में बसे भारतीयों के बीच गुस्सा भड़का दिया है. भारतीय-अमेरिकी नेता अरविंद वेंकट ने खुलकर ट्रंप की आलोचना की. अरविंद वेंकट ने ट्रंप के इस बयान को नस्लभेदी और खतरनाक करार दिया. उन्होंने X पर अपने पोस्ट में लिखा कि भारतीय और चीनी मूल के लोग अमेरिका में सकारात्मक योगदान दे रहे हैं, ऐसे में उन्हें इस तरह नीचा दिखाना गलत है.
भारतीय समुदाय की एकजुटता
इस पूरे मामले ने न सिर्फ राजनीतिक बहस को तेज किया है, बल्कि भारतीय समुदाय की एकजुटता भी सामने लाई है. ट्रंप के इस बयान के बाद भारत सरकार ने भी असामान्य रूप से सख्त प्रतिक्रिया दी. विदेश मंत्रालय ने इसे अनुचित और अज्ञानता भरा बताया. आमतौर पर भारत इस तरह के बयानों पर संयम रखता है, लेकिन इस बार जवाब साफ और कड़ा था. इससे साफ है कि यह मामला सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा बन गया है.
इस तरह की भाषा से बढ़ती है नफरत
दूसरी ओर अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय और संगठनों ने भी इस बयान का विरोध किया. उनका कहना है कि इस तरह की भाषा से नफरत बढ़ती है और समाज में विभाजन गहराता है. खासकर उस दौर में जब एशियाई समुदाय पहले से ही भेदभाव का सामना कर रहा है. अरविंद वेंकट एक भारतीय-अमेरिकी राजनीतिज्ञ और पेशे से डॉक्टर हैं, जो अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य के 30वें जिले से स्टेट हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सदस्य हैं.
तमिलनाडु के मदुरै में हुआ था जन्म
वे इस पद पर चुने जाने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी हैं, जिससे उनकी पहचान और भी खास हो जाती है. राजनीति में आने से पहले वे एक इमरजेंसी फिजिशियन के रूप में काम कर चुके हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के मुद्दे पर सक्रिय रहे हैं. उनका जन्म तमिलनाडु के मदुरै में हुआ था और बाद में उनका परिवार अमेरिका जाकर बस गया. वे डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े हैं और 2022 में पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे.
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